मुख्य सामग्री पर जाएं
8 सितंबर 2026 · 8 September 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

भारतीय वायु सेना द्वारा खगनतक-243 लंबी दूरी की ग्लाइड बम का सफल परीक्षण

IAF Successfully Tests Indigenous Khagantak-243 Long-Range Glide Bomb

खगनतक-243 ग्लाइड बम 180 किमी की दूरी तक मार कर सकता है और निजी क्षेत्र द्वारा विकसित है।

मुख्य तथ्य

  • परीक्षण स्थान: पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज, राजस्थान
  • विकास: जेएसआर डायनामिक्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
  • रेंज: 144-180 किमी (12 किमी ऊंचाई से 0.8 मैक पर)
  • वारहेड: 125 किलोग्राम एमके-81 विस्फोटक
खगनतक-243 बम को सु-30एमकेआई लड़ाकू विमान से पोखरण रेंज में 12 किमी की ऊंचाई से 0.8 मैक गति पर गिराया गया। यह हथियार 144 से 180 किमी की दूरी तक मार कर सकता है और 125 किलोग्राम वारहेड ले जाता है। इसे नागपुर स्थित जेएसआर डायनामिक्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा विकास-सह-उत्पादन भागीदारी मॉडल के तहत विकसित किया गया है। यह निजी क्षेत्र की रक्षा कंपनियों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

राजस्थान में रक्षा परीक्षण, स्वदेशी हथियार विकास और निजी-सार्वजनिक रक्षा सहयोग।

📚 संबंधित स्थायी GK

DRDO की स्थापना 1958 में हुई थी और इसका प्रतिष्ठा दिवस 1 जनवरी को मनाया जाता है।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

संबंधित समसामयिकी

इस विषय को और गहराई से पढ़ें →