4 अप्रैल 2026 · 4 April 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
दिवाला व शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025
Insolvency and Bankruptcy Code (Amendment) Bill, 2025
IBC 2016 — दिवाला समाधान ढांचा (CIRP 330 दिन); विधेयक — परिसमापन हेतु 180 दिन समय-सीमा; सीमा-पार दिवाला।
मुख्य तथ्य
- •IBC (संशोधन) विधेयक, 2025।
- •उद्देश्य — समाधान में देरी कम करना।
- •क्रॉस-बॉर्डर व समूह दिवाला प्रावधान।
- •IBC 2016 — CIRP 330 दिन; नियामक IBBI।
- •लक्ष्य — तेज़, कुशल, पारदर्शी प्रक्रिया।
दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 की चर्चा हुई। यह संशोधन IBC, 2016 की प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने के लिए है — जैसे समाधान में देरी कम करना, क्रॉस-बॉर्डर इन्सॉल्वेंसी, समूह दिवाला, तथा रियल एस्टेट व व्यक्तिगत दिवाला के विशेष प्रावधान। IBC ने भारत में दिवालियापन समाधान को समयबद्ध बनाया (CIRP 330 दिन) व बैंकों के NPA घटाए। संशोधनों का उद्देश्य प्रक्रिया को तेज़, कुशल व पारदर्शी बनाना तथा वसूली दर सुधारना है। नियामक IBBI है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
IBC, CIRP, NCLT व सीमा-पार दिवाला अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
IBC 2016; नियामक IBBI; NCLT/DRT। CIRP — 330 दिन। संशोधन 2025 — देरी कम, क्रॉस-बॉर्डर व समूह दिवाला।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert