4 जून 2026 · 4 June 2026विज्ञान⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
IMD ने मानसून बादल तंत्र और तूफानों की निगरानी के लिए INSAT उपग्रहों का इस्तेमाल किया
IMD Uses INSAT Satellites to Track Monsoon Cloud Systems and Storms
जून 2026 में भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपने INSAT उपग्रह तंत्र के जरिए जमीन से कई किलोमीटर ऊपर बनने वाले मानसून बादल तंत्रों और तूफानों पर नजर रखी।
मुख्य तथ्य
- •IMD मानसून बादल तंत्रों की निगरानी के लिए INSAT उपग्रहों का उपयोग करता है
- •सिर्फ वर्षा नहीं, सतह से किलोमीटर ऊपर तूफान बनने की प्रक्रिया भी ट्रैक करता है
- •पूर्वानुमानकर्ताओं को विकसित हो रहे मौसम तंत्रों की पहले जानकारी मिलती है
- •मौसम पूर्वानुमान और कृषि योजना के लिए महत्वपूर्ण
भारत मौसम विज्ञान विभाग अपने INSAT उपग्रह तंत्र के जरिए बनते समय ही मानसून से जुड़े बादल तंत्रों और वायुमंडलीय तूफानों पर नजर रखता है। सिर्फ जमीन आधारित वर्षा मापन के विपरीत, यह तरीका सतह से कई किलोमीटर ऊपर तूफान बनने की प्रक्रिया को ट्रैक करता है, जिससे पूर्वानुमानकर्ताओं को विकसित हो रहे मौसम तंत्रों की पहले जानकारी मिलती है। यह उपग्रह-आधारित निगरानी सटीक मौसम पूर्वानुमान के लिए महत्वपूर्ण है और देशभर में कृषि योजना बनाने में मदद करती है। यह भारत की मानसून पूर्वानुमान क्षमता मजबूत करने में अंतरिक्ष-आधारित अवलोकन की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
मौसम विज्ञान, उपग्रह तकनीक और मानसून पूर्वानुमान से जुड़ा यह विषय RAS प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के भूगोल-विज्ञान खंड के लिए महत्वपूर्ण है।
📚 संबंधित स्थायी GK
IMD की स्थापना 1875 में हुई थी और इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है; INSAT-3D/3DR भारत के प्रमुख मौसम उपग्रहों में शामिल हैं।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert