11 अप्रैल 2026 · 11 April 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत के महिला ऋण बाज़ार के रुझान
Trends in India's female credit market
महिला ऋण पोर्टफोलियो ₹76 लाख करोड़ (कुल प्रणाली ऋण का 26%); 2017 से ~5 गुना वृद्धि।
मुख्य तथ्य
- •भारत के महिला ऋण बाज़ार की प्रवृत्तियाँ।
- •महिला उधारकर्ताओं व ऋण मात्रा में वृद्धि।
- •प्रेरक — जन धन, SHG, मुद्रा, स्टैंड-अप इंडिया।
- •महिलाओं की बेहतर पुनर्भुगतान दर।
- •चुनौतियाँ — संपार्श्विक की कमी, वित्तीय साक्षरता।
भारत के महिला ऋण (female credit) बाज़ार की प्रवृत्तियों पर चर्चा हुई। हाल के वर्षों में महिला उधारकर्ताओं की संख्या व ऋण मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो वित्तीय समावेशन व महिला उद्यमिता का संकेत है। प्रेरक कारक — जन धन खाते, स्वयं सहायता समूह (SHG), मुद्रा ऋण, स्टैंड-अप इंडिया व डिजिटल ऋण। महिलाओं की बेहतर पुनर्भुगतान दर भी इसे प्रोत्साहित करती है। यह महिला सशक्तीकरण, आर्थिक भागीदारी व लैंगिक समानता से जुड़ा है। चुनौतियाँ — संपार्श्विक की कमी व वित्तीय साक्षरता।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
वित्तीय समावेशन, माइक्रोफाइनेंस व DPI अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
महिला वित्तीय समावेशन — जन धन, SHG, मुद्रा ऋण। स्टैंड-अप इंडिया — SC/ST व महिला उद्यमी। बेहतर पुनर्भुगतान दर। लखपति दीदी।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert