13 मई 2026 · 13 May 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत का विदेशी मुद्रा दबाव व मितव्ययिता की पुकार
India's forex stress and the call for austerity
विदेशी मुद्रा भंडार ~691 अरब डॉलर; रुपया 95 पार; सोना आयात रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर (FY26)।
मुख्य तथ्य
- •विदेशी मुद्रा पर दबाव; मितव्ययिता की माँग।
- •कारण — आयात बिल (तेल, सोना), पूँजी बहिर्वाह।
- •भंडार — आयात कवर व रुपये की स्थिरता।
- •मितव्ययिता — गैर-आवश्यक व्यय में कटौती।
- •राजकोषीय अनुशासन — FRBM अधिनियम 2003।
भारत के विदेशी मुद्रा (forex) पर दबाव व मितव्ययिता (austerity) की माँग चर्चा में रही। विदेशी मुद्रा भंडार आयात भुगतान, रुपये की स्थिरता व बाहरी झटकों से सुरक्षा प्रदान करता है। दबाव के कारण — उच्च आयात बिल (कच्चा तेल, सोना), पूँजी बहिर्वाह व वैश्विक अनिश्चितता। मितव्ययिता का अर्थ गैर-आवश्यक सरकारी व्यय में कटौती है, ताकि राजकोषीय घाटा व चालू खाता घाटा (CAD) नियंत्रित रहे। RBI भंडार प्रबंधन व हस्तक्षेप के माध्यम से स्थिरता बनाए रखता है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
विदेशी मुद्रा भंडार, CAD, LRS व सोना आयात अर्थव्यवस्था में अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
विदेशी मुद्रा भंडार — विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ, स्वर्ण, SDR, IMF रिज़र्व। आयात कवर — माह में। CAD — चालू खाता घाटा। राजकोषीय उत्तरदायित्व — FRBM अधिनियम 2003।
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