21 अप्रैल 2026 · 21 April 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत का ताप संकट व विधायी शून्य
India's heat crisis and the legislative vacuum
57% ज़िले (76% आबादी) उच्च ताप जोखिम में; लू आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 में अधिसूचित आपदा नहीं।
मुख्य तथ्य
- •भारत का ताप संकट व विधायी शून्यता।
- •लू — स्वास्थ्य, श्रम, कृषि के लिए खतरा।
- •आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 में 'आपदा' अधिसूचित नहीं।
- •प्रतिक्रिया — हीट एक्शन प्लान, NDMA दिशानिर्देश।
- •राजस्थान जैसे गर्म राज्यों हेतु प्रासंगिक।
भारत के ताप (heat) संकट व इससे निपटने में विधायी शून्यता (legislative vacuum) पर चर्चा हुई। बढ़ती लू (heatwaves) जलवायु परिवर्तन का परिणाम हैं, जो स्वास्थ्य, श्रम उत्पादकता, कृषि व जीवन के लिए गंभीर खतरा हैं। समस्या यह है कि भारत में लू को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत अधिसूचित 'आपदा' नहीं माना जाता, जिससे मुआवज़े व समन्वित प्रतिक्रिया में कठिनाई होती है। प्रतिक्रिया में राज्यों/शहरों की 'हीट एक्शन प्लान' (HAP), NDMA दिशानिर्देश व शीतलन रणनीतियाँ शामिल हैं। राजस्थान जैसे गर्म राज्यों के लिए यह अत्यंत प्रासंगिक है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
ICAP, हीट इंडेक्स, आपदा प्रबंधन अधिनियम व अनुच्छेद 21 पर्यावरण में महत्वपूर्ण हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
लू — आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 में अधिसूचित 'आपदा' नहीं। हीट एक्शन प्लान (HAP); NDMA दिशानिर्देश। IMD — लू चेतावनी। राजस्थान — अति-संवेदनशील।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert