28 मार्च 2026 · 28 March 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत का राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (NDC 3.0, 2031-2035)
India's Nationally Determined Contribution (NDC 3.0, 2031-2035)
NDC 3.0 — 2035 तक 60% गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता, 47% उत्सर्जन तीव्रता कटौती (2005 से), 3.5-4 अरब टन कार्बन सिंक।
मुख्य तथ्य
- •भारत का NDC 3.0 (2031-2035)।
- •NDC — पेरिस समझौते के तहत जलवायु लक्ष्य।
- •हर 5 वर्ष में वृद्धि (रैचेट मैकेनिज़्म)।
- •2070 तक नेट ज़ीरो की दिशा।
- •CBDR व जलवायु वित्त पर बल।
भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC 3.0, 2031-2035) की चर्चा हुई। NDC पेरिस समझौते (2015) के तहत प्रत्येक देश द्वारा प्रस्तुत जलवायु कार्रवाई लक्ष्य हैं, जिन्हें हर पाँच वर्ष में बढ़ाया जाना है ('रैचेट मैकेनिज़्म')। भारत के मौजूदा NDC में 2030 तक GDP की उत्सर्जन तीव्रता घटाना व गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता बढ़ाना शामिल है। NDC 3.0 (2031-2035) अगला, अधिक महत्वाकांक्षी चरण होगा, जो 2070 तक नेट ज़ीरो की दिशा में अग्रसर है। भारत 'साझा किंतु विभेदित जिम्मेदारियों' (CBDR) व जलवायु वित्त पर बल देता है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
NDC, पेरिस समझौता, CBDR-RC व कार्बन सिंक पर्यावरण में महत्वपूर्ण हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
NDC — पेरिस समझौता (2015); हर 5 वर्ष में वृद्धि। भारत — 2070 नेट ज़ीरो; पंचामृत। CBDR; उत्सर्जन तीव्रता; गैर-जीवाश्म क्षमता।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert