1 अप्रैल 2026 · 1 April 2026अर्थव्यवस्था
भारत की शुद्ध अंतरराष्ट्रीय देयता घटी
India's net international liability comes down
अनिवासियों के भारत पर शुद्ध दावे घटकर 260.5 अरब डॉलर; संपत्ति-देयता अनुपात 82.1% (74.6% से)।
मुख्य तथ्य
- •भारत की शुद्ध अंतरराष्ट्रीय देयता घटी।
- •IIP — विदेशी परिसंपत्तियाँ बनाम देयताएँ।
- •परिसंपत्तियाँ देयताओं से तेज़ी से बढ़ीं।
- •मज़बूत विदेशी मुद्रा भंडार; बाहरी स्थिरता।
- •वृहद-आर्थिक स्थिरता का संकेतक।
भारत की शुद्ध अंतरराष्ट्रीय देयता (Net International Liability) घटने की चर्चा हुई। अंतरराष्ट्रीय निवेश स्थिति (IIP) किसी देश की विदेशी परिसंपत्तियों (भारतीयों के विदेश में निवेश + विदेशी मुद्रा भंडार) व विदेशी देयताओं (विदेशियों का भारत में निवेश — FDI, FPI, ऋण) का लेखा-जोखा है। यदि देयताएँ परिसंपत्तियों से अधिक हैं तो देश 'शुद्ध देनदार' (net debtor) है। शुद्ध अंतरराष्ट्रीय देयता का घटना दर्शाता है कि भारत की विदेशी परिसंपत्तियाँ देयताओं की तुलना में तेज़ी से बढ़ रही हैं (मज़बूत विदेशी मुद्रा भंडार, बाहरी क्षेत्र की स्थिरता)। यह वृहद-आर्थिक स्थिरता व बाहरी क्षेत्र की मज़बूती का संकेतक है। यह अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
शुद्ध अंतरराष्ट्रीय देयता, संपत्ति-देयता अनुपात व बाह्य संतुलन अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
IIP — विदेशी परिसंपत्तियाँ vs देयताएँ। शुद्ध देयता घटना = बाहरी क्षेत्र मज़बूत। विदेशी मुद्रा भंडार; FDI/FPI। RBI जारी करता है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert