11 फरवरी 2026 · 11 February 2026
भारत-नीदरलैंड हरित हाइड्रोजन साझेदारी
India-Netherlands Green Hydrogen Partnership
भारत-नीदरलैंड — हाइड्रोजन फेलोशिप कार्यक्रम व हरित हाइड्रोजन अनुसंधान MoU।
मुख्य तथ्य
- •भारत-नीदरलैंड हरित हाइड्रोजन साझेदारी।
- •हरित हाइड्रोजन — नवीकरणीय से जल विद्युत-अपघटन।
- •उद्योग/परिवहन डीकार्बोनाइज़ेशन की कुंजी।
- •नीदरलैंड (रॉटरडैम) — यूरोपीय हाइड्रोजन हब।
- •राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन; नेट ज़ीरो 2070।
भारत-नीदरलैंड हरित हाइड्रोजन साझेदारी की चर्चा हुई। हरित हाइड्रोजन नवीकरणीय ऊर्जा (सौर/पवन) से जल के विद्युत-अपघटन (electrolysis) द्वारा बनाया जाता है, जिसमें कोई कार्बन उत्सर्जन नहीं होता — यह उद्योग (इस्पात, उर्वरक), परिवहन व ऊर्जा-भंडारण के डीकार्बोनाइज़ेशन की कुंजी है। नीदरलैंड (रॉटरडैम बंदरगाह — यूरोप का एक प्रमुख ऊर्जा-प्रवेश द्वार) हरित हाइड्रोजन आयात/व्यापार का एक यूरोपीय केंद्र बनना चाहता है। भारत-नीदरलैंड साझेदारी भारत के 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के तहत उत्पादन, तकनीक, निवेश व निर्यात (भारत हरित हाइड्रोजन निर्यातक बनने की आकांक्षा रखता है) में सहयोग करती है। यह नेट ज़ीरो (2070) व हरित-संक्रमण से जुड़ता है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंध, ऊर्जा व पर्यावरण से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
हरित हाइड्रोजन, NGHM व भारत-नीदरलैंड संबंध अंतरराष्ट्रीय में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
हरित हाइड्रोजन — नवीकरणीय से जल विद्युत-अपघटन; शून्य-कार्बन। नीदरलैंड (रॉटरडैम) — यूरोपीय हब। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन; भारत निर्यातक आकांक्षा।
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