8 अगस्त 2026 · 8 August 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत के प्रमुख द्विपक्षीय जलवायु साझेदारियाँ
India's Major Bilateral Climate Partnerships Globally
भारत की जलवायु नीति पश्चिमी शक्तियों के साथ रणनीतिक हरित गठबंधन के माध्यम से वैश्विक जलवायु नेता के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत कर रही है।
मुख्य तथ्य
- •भारत-यूएस: क्लीन एनर्जी एजेंडा 2030 हाइड्रोजन और विद्युत गतिशीलता पर केंद्रित।
- •भारत-यूके: ग्रीन ग्रोथ इक्विटी फंड और ग्रीन ग्रिड्स इनिशिएटिव का नेतृत्व।
- •भारत-जर्मनी: ग्रीन एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट पार्टनरशिप के तहत 10 अरब यूरो।
- •भारत-फ्रांस: 2015 में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की संयुक्त स्थापना।
भारत यूएस, यूके, जापान, जर्मनी, डेनमार्क, फ्रांस और यूरोपीय संघ के साथ रणनीतिक जलवायु साझेदारियाँ विकसित कर रहा है। यूएस के साथ क्लीन एनर्जी एजेंडा 2030 हाइड्रोजन और विद्युत गतिशीलता पर केंद्रित है। यूके के साथ ग्रीन ग्रोथ इक्विटी फंड नवीकरणीय ऊर्जा में निजी निवेश को सक्षम बनाता है। जर्मनी ने 2030 तक 10 अरब यूरो का प्रतिबद्ध किया है। फ्रांस के साथ 2015 में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की स्थापना की गई। ये साझेदारियाँ भारत के महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (NDCs) को क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक तकनीकी स्थानांतरण, अनुरूप वित्त और हरित बुनियादी ढांचा प्रदान करती हैं।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
भारत की जलवायु नीति में विकसित देशों के साथ रणनीतिक साझेदारियाँ तकनीकी स्थानांतरण और जलवायु वित्त प्राप्ति का एक महत्वपूर्ण माध्यम कैसे हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
भारत के राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (NDCs) को क्रियान्वित करने के लिए ट्रिलियन डॉलर की आवश्यकता है, जिससे द्विपक्षीय जलवायु साझेदारियाँ वित्तीय और तकनीकी सहायता के लिए महत्वपूर्ण हैं।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert