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19 फरवरी 2026 · 19 February 2026

भारत-UK अपतटीय पवन टास्कफोर्स

India-UK Offshore Wind Taskforce

भारत-UK अपतटीय पवन टास्कफोर्स — भारत-UK विज़न 2035 व चौथे ऊर्जा संवाद के तहत।

मुख्य तथ्य

  • भारत-यूके अपतटीय पवन कार्यबल।
  • अपतटीय पवन — समुद्र में टरबाइन; तेज़ हवाएँ।
  • यूके — अपतटीय पवन ऊर्जा में विश्व-अग्रणी।
  • भारत — गुजरात/तमिलनाडु तट पर क्षमता।
  • 500 GW गैर-जीवाश्म (2030); नेट ज़ीरो; हरित-संक्रमण।
भारत-यूके अपतटीय पवन कार्यबल (India-UK Offshore Wind Taskforce) की चर्चा हुई। अपतटीय पवन ऊर्जा (offshore wind) समुद्र में स्थापित पवन टरबाइनों से बिजली उत्पन्न करती है, जहाँ तट की तुलना में अधिक तेज़ व स्थिर हवाएँ मिलती हैं (उच्च क्षमता-कारक)। यूके अपतटीय पवन ऊर्जा में विश्व-अग्रणी है। भारत-यूके कार्यबल भारत में अपतटीय पवन क्षमता विकसित करने हेतु तकनीकी विशेषज्ञता, नीति, वित्त व आपूर्ति-श्रृंखला में सहयोग करता है। भारत के पास गुजरात व तमिलनाडु तटों पर बड़ी अपतटीय पवन क्षमता है। यह भारत के नवीकरणीय-ऊर्जा लक्ष्य (500 GW गैर-जीवाश्म, 2030), नेट ज़ीरो (2070) व हरित-संक्रमण से जुड़ता है। यह पर्यावरण, ऊर्जा व अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़ा है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

अपतटीय पवन ऊर्जा, भारत-UK संबंध व नवीकरणीय ऊर्जा अंतरराष्ट्रीय में पूछे जाते हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

अपतटीय पवन — समुद्र में टरबाइन; तेज़/स्थिर हवाएँ। यूके अग्रणी। भारत — गुजरात/तमिलनाडु तट क्षमता। 500 GW (2030); नेट ज़ीरो।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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