9 अप्रैल 2026 · 9 April 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत ने COP33 UNFCCC मेज़बानी बोली वापस ली
India withdraws COP33 UNFCCC host bid
UNFCCC — 1992 रियो शिखर में अपनाया; भारत ने केवल एक बार COP की मेज़बानी की (2002, COP-8)।
मुख्य तथ्य
- •भारत ने COP33 मेज़बानी की बोली वापस ली।
- •COP — UNFCCC का वार्षिक जलवायु सम्मेलन।
- •मेज़बानी — क्षेत्रीय रोटेशन।
- •भारत — पंचामृत; ISA; नेट ज़ीरो 2070।
- •पेरिस समझौता — COP21 (2015)।
भारत द्वारा UNFCCC के COP33 की मेज़बानी की बोली वापस लेने की चर्चा हुई। COP (पक्षकारों का सम्मेलन) UNFCCC का सर्वोच्च निर्णय-निकाय है जो प्रतिवर्ष जलवायु वार्ता हेतु बैठता है। मेज़बानी क्षेत्रीय समूहों के बीच रोटेशन से तय होती है। बोली वापस लेने के पीछे लॉजिस्टिक, वित्तीय या कूटनीतिक कारण हो सकते हैं। भारत जलवायु कार्रवाई में सक्रिय रहा है — पंचामृत लक्ष्य, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) व 2070 तक नेट ज़ीरो की प्रतिबद्धता के साथ।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
UNFCCC, COP, CBDR-RC व ग्लोबल स्टॉकटेक पर्यावरण/अंतरराष्ट्रीय में महत्वपूर्ण हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
UNFCCC (1992); COP — वार्षिक जलवायु सम्मेलन। पेरिस समझौता COP21 (2015)। भारत — पंचामृत; ISA; 2070 नेट ज़ीरो।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert