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राष्ट्रीय · रक्षा

IAF हेतु स्वदेशी 1000-किग्रा हवाई बम

20 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

1,000-किग्रा हवाई बम — DAP 2020 के मेक-II (उद्योग-वित्त-पोषित) मार्ग से; न्यूनतम 50% स्वदेशी सामग्री।

क्या हुआ

भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए स्वदेशी 1000 किलोग्राम के हवाई बम की चर्चा हुई। यह DRDO/उद्योग द्वारा विकसित एक भारी, उच्च-विस्फोटक हवाई-गिराया जाने वाला बम है, जिसे लड़ाकू विमानों से दुश्मन के मज़बूत ठिकानों (बंकर, रनवे, संरचनाएँ) को नष्ट करने हेतु उपयोग किया जाता है। इसका स्वदेशी विकास/उत्पादन आयातित गोला-बारूद पर निर्भरता घटाता है व रक्षा स्वदेशीकरण, 'मेक इन इंडिया' व आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देता है। ऐसी प्रणालियाँ (सटीक-निर्देशित संस्करणों सहित) IAF की प्रहार क्षमता व युद्ध-तैयारी को मज़बूत करती हैं। यह रक्षा प्रौद्योगिकी व आत्मनिर्भरता से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1IAF हेतु स्वदेशी 1000 किग्रा हवाई बम।
  2. 2भारी, उच्च-विस्फोटक हवाई-गिराया बम।
  3. 3बंकर, रनवे, संरचनाओं को नष्ट करना।
  4. 4आयातित गोला-बारूद पर निर्भरता कम।
  5. 5रक्षा स्वदेशीकरण; आत्मनिर्भर भारत।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (DAP) 2020, मेक-II व आत्मनिर्भर भारत रक्षा में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: 1000 किग्रा बम — भारी हवाई-गिराया बम; DRDO/उद्योग। बंकर/रनवे लक्ष्य। रक्षा स्वदेशीकरण; आत्मनिर्भर भारत। IAF।

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