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13 फरवरी 2026 · 13 February 2026

असम राइफल्स के डॉग स्क्वाड हेतु स्वदेशी कुत्ते

Indigenous dogs for the Assam Rifles dog squad

असम राइफल्स — 2050 तक विदेशी कुत्ते चरणबद्ध रूप से समाप्त; भारतीय नस्लें शामिल।

मुख्य तथ्य

  • असम राइफल्स श्वान-दस्ते में स्वदेशी कुत्ते।
  • श्वान-दस्ते — विस्फोटक/मादक-पदार्थ पहचान, खोज-बचाव।
  • स्वदेशी नस्लें — मुधोल हाउंड, राजपलायम, कोम्बाई।
  • आत्मनिर्भर भारत; स्वदेशी नस्ल-संरक्षण।
  • असम राइफल्स — पूर्वोत्तर का अर्धसैनिक बल।
असम राइफल्स के श्वान-दस्ते (dog squad) में स्वदेशी कुत्तों की चर्चा हुई। सुरक्षा बल (सेना, अर्धसैनिक, पुलिस) श्वान-दस्तों का उपयोग विस्फोटक/मादक-पदार्थ पहचान, खोज-बचाव, गश्त व उग्रवाद-रोधी अभियानों में करते हैं। परंपरागत रूप से विदेशी नस्लें (जर्मन शेफर्ड, लैब्राडोर, बेल्जियन मालिनोइस) उपयोग होती रही हैं; अब स्वदेशी भारतीय नस्लों — जैसे 'मुधोल हाउंड' (कर्नाटक), 'राजपलायम', 'चिप्पीपराई', 'कोम्बाई' — को प्रशिक्षित व शामिल किया जा रहा है। यह 'आत्मनिर्भर भारत', स्वदेशी नस्लों के संरक्षण व उनकी क्षमता के दोहन को दर्शाता है (DRDO/ICAR की भूमिका)। असम राइफल्स पूर्वोत्तर का प्रमुख अर्धसैनिक बल है। यह रक्षा व आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा है। यह रक्षा से जुड़ा है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

स्वदेशी श्वान नस्लें, असम राइफल्स व आत्मनिर्भरता रक्षा में पूछी जाती हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

असम राइफल्स श्वान-दस्ता — स्वदेशी नस्लें (मुधोल हाउंड, राजपलायम, कोम्बाई)। विस्फोटक पहचान, गश्त। आत्मनिर्भर भारत; नस्ल-संरक्षण।

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