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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

भारत में औद्योगिक आपदाएं

23 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

पूर्ण दायित्व सिद्धांत — M.C. मेहता बनाम भारत संघ (1987, ओलियम गैस रिसाव); OSH संहिता, 2020।

क्या हुआ

भारत में औद्योगिक आपदाओं (industrial disasters) पर चर्चा हुई। औद्योगिक आपदाएँ कारखानों में रासायनिक रिसाव, विस्फोट, आग व विषाक्त गैस से होती हैं — सबसे भयावह उदाहरण भोपाल गैस त्रासदी (1984) है। कारण — सुरक्षा मानकों की अनदेखी, पुरानी तकनीक, अपर्याप्त निरीक्षण व आपातकालीन तैयारी की कमी। विधिक ढाँचा — कारखाना अधिनियम 1948, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986, सार्वजनिक दायित्व बीमा अधिनियम 1991, व आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 (NDMA)। 'पूर्ण दायित्व' (absolute liability) का सिद्धांत (एम.सी. मेहता वाद) खतरनाक उद्योगों पर लागू होता है।

मुख्य तथ्य

  1. 1भारत में औद्योगिक आपदाएँ।
  2. 2भोपाल गैस त्रासदी (1984) — सबसे भयावह।
  3. 3कारण — सुरक्षा मानकों की अनदेखी, पुरानी तकनीक।
  4. 4विधि — कारखाना अधिनियम 1948; पर्यावरण अधिनियम 1986।
  5. 5पूर्ण दायित्व सिद्धांत (M.C. मेहता वाद)।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

OSH संहिता, पूर्ण दायित्व सिद्धांत व भोपाल गैस त्रासदी आपदा प्रबंधन/राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: भोपाल गैस त्रासदी (1984) — MIC गैस। कारखाना अधिनियम 1948; पर्यावरण अधिनियम 1986। पूर्ण दायित्व — M.C. मेहता वाद। NDMA — आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005।

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