6 अप्रैल 2026 · 6 April 2026अर्थव्यवस्था
बीमा मिस-सेलिंग रोकने हेतु नियामक प्रयास
Regulatory push to curb insurance mis-selling
मिस-सेलिंग का मूल कारण — फ्रंट-लोडेड उच्च कमीशन संरचना (IRDAI द्वारा विनियमित)।
मुख्य तथ्य
- •बीमा मिस-सेलिंग पर नियामकीय कार्रवाई।
- •भ्रामक जानकारी से अनुपयुक्त उत्पाद बेचना।
- •IRDAI — बीमा नियामक; नियम कड़े।
- •बैंकएश्योरेंस (बैंकों द्वारा बिक्री) की निगरानी।
- •उपभोक्ता संरक्षण; वित्तीय विश्वास।
बीमा मिस-सेलिंग (insurance mis-selling) पर नियामकीय कार्रवाई की चर्चा हुई। मिस-सेलिंग का अर्थ है ग्राहक को भ्रामक/अधूरी जानकारी देकर या उसकी ज़रूरत के विरुद्ध कोई अनुपयुक्त बीमा/वित्तीय उत्पाद बेचना (जैसे — बचत खाते के बहाने ULIP/बीमा बेचना, छिपे शुल्क, गलत रिटर्न का वादा)। यह उपभोक्ता हितों को नुकसान पहुँचाता है व वित्तीय बाज़ार में विश्वास घटाता है। IRDAI (बीमा नियामक) व RBI/SEBI ऐसी प्रथाओं पर अंकुश हेतु नियम कड़े करते हैं — पारदर्शिता, उपयुक्तता-जाँच, शिकायत-निवारण व बैंकएश्योरेंस (बैंकों द्वारा बीमा बिक्री) की निगरानी। यह उपभोक्ता संरक्षण व वित्तीय समावेशन से जुड़ा है। यह अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
बीमा मिस-सेलिंग, IRDAI व ट्रेल-आधारित कमीशन अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
मिस-सेलिंग — अनुपयुक्त/भ्रामक बीमा बिक्री। IRDAI (बीमा नियामक); बैंकएश्योरेंस निगरानी। उपभोक्ता संरक्षण; पारदर्शिता।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert