मुख्य सामग्री पर जाएं
2 मई 2026 · 2 May 2026

कर्नाटक — गिग श्रमिकों हेतु शिकायत निवारण शुरू करने वाला पहला राज्य

Karnataka: 1st state to launch grievance redressal for gig workers

कर्नाटक मंच-आधारित गिग श्रमिक अधिनियम, 2025 — 1% कल्याण योगदान; IDRC अनिवार्य।

मुख्य तथ्य

  • कर्नाटक — गिग श्रमिकों हेतु शिकायत निवारण वाला पहला राज्य।
  • गिग श्रमिक — ऐप-आधारित, लचीला/अस्थायी काम।
  • पारंपरिक रोज़गार लाभों से वंचित।
  • अनुचित निष्कासन/भुगतान विवाद का समाधान।
  • सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020; गिग अर्थव्यवस्था।
कर्नाटक के गिग श्रमिकों हेतु शिकायत निवारण तंत्र शुरू करने वाला पहला राज्य बनने की चर्चा हुई। गिग/प्लेटफॉर्म श्रमिक वे होते हैं जो ऐप-आधारित प्लेटफॉर्मों (कैब, डिलीवरी, ई-कॉमर्स) के लिए लचीले/अस्थायी आधार पर काम करते हैं, पर पारंपरिक रोज़गार लाभों (सामाजिक सुरक्षा, बीमा, निश्चित वेतन, शिकायत निवारण) से प्रायः वंचित रहते हैं। शिकायत निवारण तंत्र इन श्रमिकों को अनुचित निष्कासन, भुगतान विवाद व कार्य-स्थितियों पर औपचारिक समाधान देता है। यह सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 (जो गिग श्रमिकों को मान्यता देती है), श्रमिक कल्याण व बढ़ती गिग अर्थव्यवस्था से जुड़ा है। यह श्रम अधिकार व कल्याण से जुड़ा है (राज्य पहल)।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

गिग श्रमिक, सामाजिक सुरक्षा संहिता व मंच-आधारित कार्य योजना/अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

गिग/प्लेटफॉर्म श्रमिक — ऐप-आधारित, लचीला काम। सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 — मान्यता। शिकायत निवारण; सामाजिक सुरक्षा। गिग अर्थव्यवस्था।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

संबंधित समसामयिकी