2 मई 2026 · 2 May 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
कोमागाता मारू घटना
Komagata Maru incident
कोमागाता मारू (गुरु नानक जहाज़) — गुरदित सिंह द्वारा चार्टर; 376 यात्री; वैंकूवर में प्रवेश अस्वीकार।
मुख्य तथ्य
- •कोमागाटा मारू घटना (1914)।
- •जापानी जहाज; नेतृत्व बाबा गुरदित सिंह।
- •पंजाबी प्रवासी; कनाडा (वैंकूवर) में प्रवेश अस्वीकृत।
- •वापसी पर बजबज में टकराव; यात्री मारे गए।
- •औपनिवेशिक नस्लभेद; ग़दर आंदोलन को बल।
कोमागाटा मारू घटना (1914) की चर्चा हुई। कोमागाटा मारू एक जापानी जहाज था जिसमें बाबा गुरदित सिंह के नेतृत्व में मुख्यतः पंजाबी (सिख) प्रवासी कनाडा (वैंकूवर) पहुँचे, किंतु कनाडा की भेदभावपूर्ण आप्रवासन नीति के कारण उन्हें उतरने नहीं दिया गया। जहाज को वापस भारत भेज दिया गया, और कोलकाता के निकट बजबज (बज-बज) में ब्रिटिश पुलिस से टकराव में कई यात्री मारे गए। यह घटना औपनिवेशिक नस्लभेद का प्रतीक बनी और भारतीय राष्ट्रवाद व ग़दर आंदोलन को बल दिया।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
कोमागाता मारू, ग़दर आंदोलन व स्वतंत्रता संग्राम आधुनिक इतिहास में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
कोमागाटा मारू — 1914; जापानी जहाज; बाबा गुरदित सिंह। गंतव्य — वैंकूवर (कनाडा)। बजबज कांड (कोलकाता)। ग़दर आंदोलन से जुड़ा।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert