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17 मार्च 2026 · 17 March 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

लद्दाख में राज्य का दर्जा व छठी अनुसूची की मांग

Statehood and 6th Schedule demand in Ladakh

छठी अनुसूची — असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन हेतु स्वायत्त ज़िला परिषद।

मुख्य तथ्य

  • लद्दाख में राज्य दर्जा व छठी अनुसूची की माँग।
  • 2019 के बाद लद्दाख — UT (विधानमंडल रहित)।
  • जनजातीय बहुल (~97%); भूमि/पहचान संरक्षण।
  • छठी अनुसूची — स्वायत्त ज़िला परिषदें (अनुच्छेद 244)।
  • संघवाद, जनजातीय अधिकार, पारिस्थितिकी।
लद्दाख में राज्य का दर्जा व छठी अनुसूची में शामिल करने की माँग चर्चा में रही। 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन के बाद लद्दाख एक केंद्र शासित प्रदेश (विधानमंडल रहित) बना। स्थानीय लोग — विशेषकर जनजातीय समुदाय (~97% जनजातीय आबादी) — राज्य का दर्जा व संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की माँग कर रहे हैं, ताकि भूमि, संसाधन, रोज़गार, सांस्कृतिक पहचान व स्वायत्त जनजातीय परिषदों का संरक्षण हो। छठी अनुसूची (अनुच्छेद 244) पूर्वोत्तर के जनजातीय क्षेत्रों को स्वायत्त ज़िला परिषदें देती है। यह संघवाद, जनजातीय अधिकार व पारिस्थितिक संवेदनशीलता से जुड़ा है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

छठी अनुसूची, स्वायत्त ज़िला परिषद व लद्दाख राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

लद्दाख — UT (2019, विधानमंडल रहित)। छठी अनुसूची (अनुच्छेद 244) — जनजातीय स्वायत्त ज़िला परिषदें (पूर्वोत्तर)। ~97% जनजातीय।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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