4 अप्रैल 2026 · 4 April 2026
LWE प्रभावित ज़िलों का वर्गीकरण
Classification of districts affected by LWE
नया वर्गीकरण — LWE प्रभावित ज़िले, चिंता के ज़िले, लीगेसी व थ्रस्ट; रेड कॉरिडोर 200+ (2005) से 2 (2026)।
मुख्य तथ्य
- •LWE-प्रभावित जिलों का वर्गीकरण।
- •गृह मंत्रालय — हिंसा-तीव्रता के आधार पर श्रेणियाँ।
- •प्रभावित जिलों की संख्या में कमी।
- •रणनीति — SAMADHAN; सुरक्षा + विकास।
- •आंतरिक सुरक्षा; विकास बनाम उग्रवाद।
वामपंथी उग्रवाद (Left-Wing Extremism, LWE / नक्सलवाद) से प्रभावित जिलों के वर्गीकरण की चर्चा हुई। गृह मंत्रालय LWE-प्रभावित जिलों को उनकी हिंसा-तीव्रता के आधार पर वर्गीकृत करता है (जैसे — 'सर्वाधिक प्रभावित जिले', 'चिंता के जिले' आदि), ताकि सुरक्षा-तैनाती व विकास-निधि को लक्षित किया जा सके। समय के साथ LWE-प्रभावित जिलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है (सुरक्षा अभियानों + विकास के दोहरे दृष्टिकोण से)। रणनीति में SAMADHAN सिद्धांत, सुरक्षा बलों का आधुनिकीकरण, सड़क/मोबाइल कनेक्टिविटी, कौशल व आजीविका शामिल हैं। यह आंतरिक सुरक्षा, विकास बनाम उग्रवाद व शासन से जुड़ा है। यह राजव्यवस्था व सुरक्षा से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
LWE, रेड कॉरिडोर व राष्ट्रीय नीति व कार्ययोजना राजव्यवस्था/सुरक्षा में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
LWE — वामपंथी उग्रवाद/नक्सलवाद; गृह मंत्रालय वर्गीकरण। प्रभावित जिले घटे। SAMADHAN सिद्धांत; सुरक्षा + विकास।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert