महाड़ सत्याग्रह
20 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
महाड़ सत्याग्रह (1927) — अंबेडकर के नेतृत्व में; चावदार तालाब से दलितों के जल लेने के अधिकार हेतु।
क्या हुआ
'महाड़ सत्याग्रह' (Mahad Satyagraha) की चर्चा हुई। 20 मार्च 1927 को डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में महाराष्ट्र के महाड़ (रायगढ़ ज़िला) में 'चावदार तालाब' (Chavdar Tank) से 'अछूत' माने जाने वाले लोगों को सार्वजनिक जल पीने के अधिकार के लिए सत्याग्रह किया गया। यह भारतीय इतिहास में दलित अधिकारों, सामाजिक समानता व अस्पृश्यता-उन्मूलन के संघर्ष का एक मील का पत्थर था (इसे 'दलित मुक्ति का प्रतीक' माना जाता है)। बाद में अंबेडकर ने मनुस्मृति का प्रतीकात्मक दहन भी किया। 20 मार्च को 'सामाजिक सशक्तिकरण दिवस' के रूप में याद किया जाता है। यह सामाजिक सुधार आंदोलन व आधुनिक भारतीय इतिहास से जुड़ा है। यह कला-संस्कृति से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1महाड़ सत्याग्रह — 20 मार्च 1927।
- 2डॉ. अंबेडकर के नेतृत्व में; महाड़ (महाराष्ट्र)।
- 3चावदार तालाब से दलित जल-अधिकार।
- 4अस्पृश्यता-उन्मूलन; सामाजिक समानता।
- 520 मार्च — सामाजिक सशक्तिकरण दिवस।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
महाड़ सत्याग्रह, अंबेडकर व दलित अधिकार आधुनिक भारतीय इतिहास में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: महाड़ सत्याग्रह — 20 मार्च 1927; अंबेडकर; चावदार तालाब (महाड़, महाराष्ट्र)। दलित जल-अधिकार; अस्पृश्यता-उन्मूलन। सामाजिक सशक्तिकरण दिवस।