15 जनवरी 2026 · 15 January 2026विज्ञान
समुद्री व अंतरिक्ष जैव प्रौद्योगिकी
Marine and space biotechnology
समुद्री व अंतरिक्ष जैव-प्रौद्योगिकी (marine and space biotechnology) की चर्चा हुई। जैव-प्रौद्योगिकी (biotechnology) जीवों/जैविक-प्रणालियों का उपयोग कर उत्पाद व तकनीक बनाती है। 'समुद्री जैव-प्रौद्योगिकी' समुद्री जीवों (शैवाल, सूक्ष्मजीव, मूँगा) से दवाएँ, एंजाइम, जैव-ईंधन, पोषक-तत्व व जैव-सामग्री विकसित करती है (विशाल अनछुई समुद्री जैव विविधता)। 'अंतरिक्ष जैव-प्रौद्योगिकी' सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण (microgravity) में जैविक प्रयोग करती है — प्रोटीन-क्रिस्टल वृद्धि, दवा-विकास, ऊतक-वृद्धि, अंतरिक्ष-यात्रियों का स्वास्थ्य व अंतरिक्ष में भोजन/जीवन-समर्थन। भारत इन उभरते क्षेत्रों में जैव-अर्थव्यवस्था (BioE3 नीति), गगनयान व गहरा-समुद्र मिशन के तहत आगे बढ़ रहा है। यह विज्ञान, जैव-प्रौद्योगिकी व नवाचार से जुड़ता है। यह विज्ञान से जुड़ा है।
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