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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

अवैध प्रवासियों हेतु नई निर्वासन नीति

20 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

आव्रजन व विदेशी अधिनियम, 2025 ने 4 पुराने कानूनों का स्थान लिया; निर्वासन बनाम पुशबैक।

क्या हुआ

अवैध प्रवासियों के लिए नई निर्वासन (deportation) नीति की चर्चा हुई। भारत में विदेशियों के प्रवेश, ठहराव व निष्कासन को विदेशी अधिनियम 1946, पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम 1920 व हाल के आव्रजन व विदेशी अधिनियम द्वारा नियंत्रित किया जाता है। अवैध प्रवासी राष्ट्रीय सुरक्षा, संसाधनों व जनसांख्यिकी से जुड़े मुद्दे उठाते हैं। निर्वासन के लिए नागरिकता सत्यापन, मूल देश से समन्वय व कानूनी प्रक्रिया आवश्यक होती है। यह विषय शरणार्थियों (जिनके लिए भारत के पास अलग दृष्टिकोण है, क्योंकि भारत 1951 शरणार्थी सम्मेलन का पक्षकार नहीं) से भिन्न है।

मुख्य तथ्य

  1. 1अवैध प्रवासियों हेतु नई निर्वासन नीति।
  2. 2विधि — विदेशी अधिनियम 1946; पासपोर्ट अधिनियम 1920।
  3. 3मुद्दे — राष्ट्रीय सुरक्षा, संसाधन, जनसांख्यिकी।
  4. 4निर्वासन — सत्यापन, समन्वय, कानूनी प्रक्रिया।
  5. 5भारत — 1951 शरणार्थी सम्मेलन का पक्षकार नहीं।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

आव्रजन व विदेशी अधिनियम 2025, विदेशी न्यायाधिकरण व असम समझौता राजव्यवस्था/सुरक्षा में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: विदेशी अधिनियम 1946; पासपोर्ट अधिनियम 1920। भारत — 1951 शरणार्थी सम्मेलन का पक्षकार नहीं। निर्वासन — नागरिकता सत्यापन व कानूनी प्रक्रिया।

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