29 अप्रैल 2026 · 29 April 2026
नीलगिरि में नया प्रागैतिहासिक शैल कला स्थल
New prehistoric rock art site in the Nilgiris
ऊर पारे (नीलगिरि, तमिलनाडु) — ~30 आकृतियां, लाल गेरू में एकवर्णी संरचना; इरुला/कुरुम्बा समुदायों से जुड़ा।
मुख्य तथ्य
- •नीलगिरि में नया प्रागैतिहासिक शैल-कला स्थल।
- •शैल-कला — प्राचीन चट्टान चित्र/उत्कीर्णन।
- •प्रागैतिहासिक मानव संस्कृति/विश्वास की झलक।
- •नीलगिरि — पश्चिमी घाट; पुरातात्विक समृद्ध।
- •भीमबेटका (UNESCO धरोहर); ASI अध्ययन।
नीलगिरि (तमिलनाडु) में एक नए प्रागैतिहासिक शैल-कला (rock art) स्थल की खोज की चर्चा हुई। शैल-कला प्राचीन मानवों द्वारा चट्टानों/गुफाओं पर बनाए गए चित्र/उत्कीर्णन हैं (शिकार, पशु, अनुष्ठान, दैनिक जीवन के दृश्य), जो प्रागैतिहासिक मानव संस्कृति, विश्वास व कलात्मक अभिव्यक्ति की झलक देते हैं। नीलगिरि (पश्चिमी घाट) पुरातात्विक व जैव विविधता दोनों दृष्टि से समृद्ध है। ऐसी खोजें मानव विकास, पाषाण-युगीन इतिहास व सांस्कृतिक विरासत की समझ बढ़ाती हैं (भारत में भीमबेटका शैल आश्रय — UNESCO धरोहर — प्रसिद्ध है)। ASI व पुरातत्वविद इनका अध्ययन व संरक्षण करते हैं। यह कला-संस्कृति, इतिहास व पुरातत्व से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
शैल कला, प्रागैतिहासिक चित्रकला व विरासत स्थल इतिहास/संस्कृति में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
शैल-कला — प्राचीन चट्टान चित्र/उत्कीर्णन। नीलगिरि — पश्चिमी घाट; पुरातात्विक समृद्ध। भीमबेटका (UNESCO धरोहर)। ASI।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert