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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

विशेषाधिकार नोटिस व संसदीय विशेषाधिकार

22 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

संसदीय विशेषाधिकार — अनुच्छेद 105 (संसद), 194 (विधानसभा); विशेषाधिकार नोटिस — नियम 222 (लोकसभा)।

क्या हुआ

संसदीय विशेषाधिकार (parliamentary privileges) व विशेषाधिकार हनन नोटिस की चर्चा हुई। संसदीय विशेषाधिकार वे विशेष अधिकार व उन्मुक्तियाँ हैं जो सदनों, उनकी समितियों व सदस्यों को अपने कार्यों के स्वतंत्र व प्रभावी निर्वहन हेतु प्राप्त हैं (अनुच्छेद 105 — संसद; अनुच्छेद 194 — राज्य विधानमंडल)। इनमें सदन में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व कार्यवाही पर न्यायालय में प्रश्न न उठाए जाने की उन्मुक्ति शामिल है। विशेषाधिकार हनन तब होता है जब इन अधिकारों का उल्लंघन हो; तब विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया जाता है। ये विशेषाधिकार अब तक संहिताबद्ध नहीं हैं।

मुख्य तथ्य

  1. 1संसदीय विशेषाधिकार व हनन नोटिस।
  2. 2अनुच्छेद 105 (संसद), 194 (राज्य विधानमंडल)।
  3. 3सदन में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता; न्यायिक उन्मुक्ति।
  4. 4विशेषाधिकार हनन — अधिकारों का उल्लंघन।
  5. 5विशेषाधिकार अब तक संहिताबद्ध नहीं।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

संसदीय विशेषाधिकार, अनुच्छेद 105/194 व विशेषाधिकार समिति राजव्यवस्था में अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: संसदीय विशेषाधिकार — अनुच्छेद 105 (संसद), 194 (राज्य)। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता; न्यायिक उन्मुक्ति। अब तक असंहिताबद्ध। विशेषाधिकार समिति।

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