4 अप्रैल 2026 · 4 April 2026अर्थव्यवस्था
पेट्रोरसायन शुल्क छूट
Petrochemical duty waiver
पेट्रोरसायन — पेट्रोलियम/प्राकृतिक गैस से रासायनिक 'बिल्डिंग ब्लॉक'; 3 समूह — ओलेफिन, BTX एरोमैटिक्स, सिनगैस।
मुख्य तथ्य
- •पेट्रोरसायन पर शुल्क-छूट।
- •पेट्रोरसायन — तेल/गैस से प्राप्त रसायन।
- •प्लास्टिक, फाइबर, उर्वरक का कच्चा माल।
- •शुल्क-छूट → घरेलू विनिर्माण लागत घटती है।
- •मेक इन इंडिया; प्रतिस्पर्धात्मकता।
पेट्रोरसायन (petrochemical) पर शुल्क-छूट (duty waiver) की चर्चा हुई। पेट्रोरसायन कच्चे तेल/प्राकृतिक गैस से प्राप्त रसायन हैं, जो प्लास्टिक, सिंथेटिक फाइबर, रबर, उर्वरक, पेंट व अनेक उद्योगों के कच्चे माल हैं। प्रमुख पेट्रोरसायन कच्चे माल/मध्यवर्ती वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाने/हटाने से घरेलू विनिर्माण उद्योगों की लागत घटती है, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है व 'मेक इन इंडिया'/मूल्य-संवर्धन को बढ़ावा मिलता है। हालाँकि इससे घरेलू पेट्रोरसायन उत्पादकों पर प्रभाव व राजस्व-हानि की चिंता भी हो सकती है। यह औद्योगिक नीति, व्यापार व विनिर्माण से जुड़ा है। यह अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
पेट्रोरसायन, ओलेफिन/एरोमैटिक्स व सीमा शुल्क अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
पेट्रोरसायन — तेल/गैस से; प्लास्टिक, फाइबर, उर्वरक का कच्चा माल। शुल्क-छूट → कम लागत, प्रतिस्पर्धात्मकता। मेक इन इंडिया।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert