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राष्ट्रीय · कला-संस्कृति

पिपरहवा अवशेषों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी

30 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

3 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री ने भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

क्या हुआ

नई दिल्ली के राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में 'द लाइट एंड द लोटस: रेलिक्स ऑफ द अवेकेंड वन' शीर्षक से यह अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी आयोजित की गई। पिपरहवा अवशेष 1898 में विलियम क्लैक्सटन पेप्पे द्वारा उत्तर प्रदेश के पिपरहवा बौद्ध स्तूप में खोजे गए थे। ये अवशेष 30 जुलाई 2025 को भारत वापस लाए गए।

मुख्य तथ्य

  1. 1शीर्षक: 'The Light and the Lotus'
  2. 2स्थान: राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर, नई दिल्ली
  3. 3खोज: 1898, विलियम क्लैक्सटन पेप्पे
  4. 4पिपरहवा को प्राचीन कपिलवस्तु से जोड़ा जाता है
  5. 5भारत वापसी: 30 जुलाई 2025

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

खोजकर्ता, वर्ष और कपिलवस्तु से संबंध महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: पिपरहवा (उत्तर प्रदेश) को प्राचीन कपिलवस्तु माना जाता है, जहां भगवान बुद्ध ने प्रारंभिक जीवन बिताया।

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