28 मई 2026 · 28 May 2026विज्ञान
भारत के लिए पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (PQC) अपनाने की सिफारिश
Task force recommends Post-Quantum Cryptography (PQC) for India
PQC — क्वांटम-प्रतिरोधी एन्क्रिप्शन; भारत में 2029 तक पूर्ण अंगीकरण लक्ष्य।
मुख्य तथ्य
- •भारत हेतु पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (PQC) की सिफारिश।
- •PQC — क्वांटम हमलों के विरुद्ध सुरक्षित कूटलेखन।
- •क्वांटम कंप्यूटर वर्तमान एन्क्रिप्शन (RSA) तोड़ सकते हैं।
- •'हार्वेस्ट नाउ, डिक्रिप्ट लेटर' खतरा।
- •राष्ट्रीय क्वांटम मिशन; साइबर सुरक्षा।
भारत के लिए पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (PQC) की सिफारिश करने वाली कार्यबल (task force) की चर्चा हुई (DST के अंतर्गत)। PQC ऐसी एन्क्रिप्शन/कूटलेखन तकनीक है जो भविष्य के शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटरों के हमलों के विरुद्ध भी सुरक्षित रहे — क्वांटम कंप्यूटर वर्तमान कूटलेखन (RSA आदि) को तोड़ सकते हैं, जिससे डेटा, बैंकिंग, रक्षा व संचार की सुरक्षा को खतरा है ('हार्वेस्ट नाउ, डिक्रिप्ट लेटर' खतरा)। PQC को अपनाना डिजिटल सुरक्षा, साइबर-लचीलापन व राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय क्वांटम मिशन व डिजिटल इंडिया से जुड़ा है। DST विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग है। यह उभरती तकनीक व साइबर सुरक्षा से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
क्वांटम तकनीक, क्रिप्टोग्राफी व साइबर सुरक्षा विज्ञान-तकनीक में महत्वपूर्ण हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
PQC — क्वांटम-प्रतिरोधी कूटलेखन। क्वांटम कंप्यूटर RSA तोड़ सकता है। 'हार्वेस्ट नाउ, डिक्रिप्ट लेटर'। राष्ट्रीय क्वांटम मिशन; DST।
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