मुख्य सामग्री पर जाएं
1 जनवरी 2026 · 1 January 2026

प्रलय मिसाइल

Pralay Missile

प्रलय — DRDO की कम दूरी की सतह-से-सतह सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल; रेंज ~150-500 किमी।

मुख्य तथ्य

  • प्रलय मिसाइल।
  • DRDO; कम-दूरी (~150-500 किमी) सतह-से-सतह सामरिक मिसाइल।
  • पारंपरिक (गैर-परमाणु) वारहेड।
  • अर्ध-बैलिस्टिक — दिशा बदलना; इंटरसेप्ट कठिन; उच्च सटीकता।
  • पारंपरिक-प्रतिरोध; आत्मनिर्भर भारत।
'प्रलय मिसाइल' (Pralay Missile) की चर्चा हुई। प्रलय DRDO द्वारा विकसित एक स्वदेशी, कम-दूरी (~150-500 किमी) की 'सतह-से-सतह' (surface-to-surface) सामरिक (tactical) बैलिस्टिक मिसाइल है, जो पारंपरिक (गैर-परमाणु) वारहेड ले जाती है। यह एक 'अर्ध-बैलिस्टिक' (quasi-ballistic) मिसाइल है — अपने प्रक्षेप-पथ के बीच में दिशा बदल सकती है, जिससे इसे रोकना (intercept) कठिन होता है व सटीकता उच्च होती है। यह सीमा पर शत्रु-ठिकानों, कमांड-सेंटरों व सैन्य-अवसंरचना के विरुद्ध तीव्र, सटीक प्रहार-क्षमता देती है (चीन के 'डोंगफेंग' व रूस के 'इस्कंदर' जैसी श्रेणी)। यह भारत की पारंपरिक-प्रतिरोध (conventional deterrence) क्षमता, रक्षा-स्वदेशीकरण ('आत्मनिर्भर भारत') व सेना/वायुसेना की मारक-क्षमता को मज़बूत करती है। यह रक्षा व सैन्य प्रौद्योगिकी से जुड़ता है। यह रक्षा से जुड़ा है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

प्रलय, बैलिस्टिक मिसाइल व DRDO रक्षा में पूछे जाते हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

प्रलय — DRDO; कम-दूरी (~150-500 किमी) सतह-से-सतह सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल; पारंपरिक वारहेड। अर्ध-बैलिस्टिक (दिशा बदलना; इंटरसेप्ट कठिन)। पारंपरिक-प्रतिरोध; आत्मनिर्भर भारत।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

संबंधित समसामयिकी