30 मई 2026 · 30 May 2026अर्थव्यवस्था
पुडुचेरी में दो नए विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) अधिसूचित
Two new Special Economic Zones (SEZs) notified in Puducherry
SEZ अधिनियम 2005; एशिया का पहला EPZ कांडला (1965)।
मुख्य तथ्य
- •पुडुचेरी में दो नए SEZ अधिसूचित।
- •SEZ — शुल्क-मुक्त निर्यात-उन्मुख क्षेत्र।
- •कर/शुल्क रियायतें; सरलीकृत अनुपालन।
- •SEZ अधिनियम 2005; निर्यात व FDI को बढ़ावा।
- •क्षेत्रीय औद्योगिक विकास व रोज़गार।
पुडुचेरी में दो नए विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) अधिसूचित किए जाने की चर्चा हुई। SEZ ऐसे विशेष रूप से सीमांकित शुल्क-मुक्त क्षेत्र हैं जिन्हें व्यापार व सीमा-शुल्क की दृष्टि से 'विदेशी क्षेत्र' माना जाता है, जहाँ निर्यात-उन्मुख इकाइयों को कर/शुल्क रियायतें, सरलीकृत अनुपालन व बेहतर अवसंरचना मिलती है। उद्देश्य — निर्यात, विदेशी निवेश (FDI), रोज़गार व आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देना। SEZ अधिनियम, 2005 इनका कानूनी ढाँचा है। नए SEZ क्षेत्रीय औद्योगिक विकास, विनिर्माण व सेवा निर्यात को बढ़ाते हैं। यह आर्थिक विकास, निर्यात संवर्धन व 'मेक इन इंडिया' से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
SEZ, EPZ व उनके अधिनियम अर्थव्यवस्था में अक्सर पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
SEZ — शुल्क-मुक्त निर्यात क्षेत्र; 'विदेशी क्षेत्र'। SEZ अधिनियम 2005। कर/शुल्क रियायतें। निर्यात; FDI; रोज़गार।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert