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10 फरवरी 2026 · 10 February 2026

राइट टू डिस्कनेक्ट विधेयक 2026

Right to Disconnect Bill 2026

राइट टू डिस्कनेक्ट — कर्मचारियों को काम के घंटों के बाहर ईमेल/कॉल का उत्तर न देने का अधिकार।

मुख्य तथ्य

  • राइट टू डिस्कनेक्ट विधेयक 2026।
  • कार्य-घंटों के बाद जवाब देने की बाध्यता नहीं।
  • कार्य-जीवन संतुलन; तनाव/बर्नआउट रोकथाम।
  • फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया में ऐसे कानून।
  • भारत में निजी सदस्य विधेयक; श्रम-अधिकार।
'राइट टू डिस्कनेक्ट विधेयक 2026' (Right to Disconnect Bill) की चर्चा हुई। 'डिस्कनेक्ट करने का अधिकार' कर्मचारियों का वह अधिकार है कि वे आधिकारिक कार्य-घंटों के बाद नियोक्ता के कॉल, ईमेल व संदेशों का जवाब देने के लिए बाध्य न हों (बिना दंड के)। डिजिटल युग व 'वर्क फ्रॉम होम' में काम व निजी जीवन की सीमाएँ धुंधली हो जाने से तनाव, बर्नआउट व मानसिक-थकान बढ़ी है — यह अधिकार 'कार्य-जीवन संतुलन' (work-life balance) व कर्मचारी-कल्याण की रक्षा करता है। फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में ऐसे कानून हैं। भारत में यह एक निजी सदस्य विधेयक के रूप में लाया गया है। यह श्रम-अधिकार, कर्मचारी-कल्याण व सामाजिक मुद्दे से जुड़ा है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

राइट टू डिस्कनेक्ट, कार्य-जीवन संतुलन व श्रम अधिकार राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

डिस्कनेक्ट का अधिकार — कार्य-घंटों के बाद जवाब न देने की स्वतंत्रता। कार्य-जीवन संतुलन; बर्नआउट रोकथाम। फ्रांस/ऑस्ट्रेलिया कानून। भारत — निजी सदस्य विधेयक।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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