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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

SC ने नियमित DGP नियुक्तियों में देरी को रेखांकित किया

7 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

न्यायालय — राज्य कार्यवाहक DGP नियुक्त कर रहे; प्रकाश सिंह केस के दिशानिर्देशों का उल्लंघन।

क्या हुआ

नियमित DGP नियुक्तियों में विलंब पर सर्वोच्च न्यायालय की चिंता की चर्चा हुई। DGP (Director General of Police / पुलिस महानिदेशक) किसी राज्य का सर्वोच्च पुलिस अधिकारी होता है। 'प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ' (2006) के ऐतिहासिक निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने पुलिस-सुधार के निर्देश दिए थे — जिसमें DGP की नियुक्ति UPSC द्वारा तैयार पैनल से, योग्यता के आधार पर व कम-से-कम 2 साल के निश्चित कार्यकाल की व्यवस्था शामिल है (राजनीतिक हस्तक्षेप व 'कार्यवाहक' DGP की प्रथा रोकने हेतु)। राज्यों द्वारा नियमित DGP नियुक्ति में विलंब/'कार्यवाहक' DGP नियुक्त करना इन निर्देशों के विरुद्ध है। यह पुलिस-सुधार, संघवाद, विधि-शासन व प्रशासनिक स्वायत्तता से जुड़ा है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1नियमित DGP नियुक्तियों में विलंब पर SC चिंता।
  2. 2DGP — राज्य का सर्वोच्च पुलिस अधिकारी।
  3. 3प्रकाश सिंह केस (2006) — पुलिस-सुधार निर्देश।
  4. 4UPSC पैनल से योग्यता-आधारित; 2-वर्ष कार्यकाल।
  5. 5'कार्यवाहक' DGP प्रथा; पुलिस-सुधार; विधि-शासन।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

DGP नियुक्ति, प्रकाश सिंह केस व पुलिस सुधार राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: DGP — राज्य का सर्वोच्च पुलिस अधिकारी। प्रकाश सिंह केस (2006) — पुलिस-सुधार; UPSC पैनल, 2-वर्ष निश्चित कार्यकाल। 'कार्यवाहक' DGP पर रोक।

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