27 जनवरी 2026 · 27 January 2026
SC ने पुलिस-मीडिया ब्रीफिंग नीति पर राज्यों को निर्देश दिया
SC directs states on police-media briefing policy
न्यायालय — पुलिस-मीडिया ब्रीफिंग हेतु समान नीति; 'मीडिया ट्रायल' व पूर्वाग्रह से बचाव।
मुख्य तथ्य
- •पुलिस-मीडिया ब्रीफिंग नीति पर SC निर्देश।
- •जाँच में मीडिया को जानकारी — संवेदनशील।
- •मीडिया ट्रायल; निष्पक्ष-सुनवाई (अनुच्छेद 21)।
- •निर्दोषता-अनुमान; पीड़ित/गवाह निजता।
- •समान 'मीडिया ब्रीफिंग नीति'/SOP बनाने का निर्देश।
पुलिस-मीडिया ब्रीफिंग नीति पर सर्वोच्च न्यायालय के राज्यों को निर्देश की चर्चा हुई। किसी आपराधिक मामले में जाँच के दौरान पुलिस द्वारा मीडिया को दी जाने वाली जानकारी ('मीडिया ब्रीफिंग') संवेदनशील होती है — अनियंत्रित/समय-पूर्व प्रकटीकरण 'मीडिया ट्रायल', आरोपी के निष्पक्ष-सुनवाई के अधिकार (अनुच्छेद 21), निर्दोषता-अनुमान (presumption of innocence), पीड़ित/गवाह की निजता व जाँच की अखंडता को नुकसान पहुँचा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय राज्यों/पुलिस को एक संतुलित, समान 'मीडिया ब्रीफिंग नीति'/SOP बनाने का निर्देश देता है, जो जनता के सूचना-अधिकार व निष्पक्ष-न्याय के बीच संतुलन रखे। यह राजव्यवस्था, न्यायपालिका, मौलिक अधिकार व मीडिया-नैतिकता से जुड़ा है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
निष्पक्ष सुनवाई, मीडिया परीक्षण व अनुच्छेद 21 राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
पुलिस-मीडिया ब्रीफिंग नीति — मीडिया ट्रायल रोकना; निष्पक्ष-सुनवाई (अनुच्छेद 21), निर्दोषता-अनुमान। SC निर्देश — समान SOP; सूचना-अधिकार बनाम न्याय संतुलन।
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