8 अगस्त 2026 · 8 August 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत-चीन जलवायु सहयोग के लिए साझा संवेदनशीलता
Shared Climate Vulnerabilities: India-China Cooperation Path
साझा जलवायु चुनौतियाँ भारत-चीन के बीच भू-राजनीतिक तनावों से परे सहयोग का एक व्यावहारिक मार्ग प्रस्तुत करती हैं।
मुख्य तथ्य
- •असम, ओडिशा और चीन के शानक्सी, गांसु प्रांतों में चरम बाढ़ हाल ही में हुई है।
- •हिंदू कुश हिमालय क्षेत्र ब्रह्मपुत्र और सतलुज जैसी सीमांत नदियों का स्रोत है।
- •2013-2015 के बीच दिल्ली-बीजिंग, मुंबई-शंघाई और चेन्नई-चोंगकिंग बहन शहर समझौते हुए।
- •2020 की सीमा संघर्ष के बाद ब्रह्मपुत्र पर जलगत डेटा साझाकरण बाधित हुआ है।
अप्रैल 2026 में चीन के जलवायु परिवर्तन विशेष दूत की नई दिल्ली यात्रा ने भारत-चीन सहयोग की नई संभावनाएं दिखाई हैं। दोनों देश समान जलवायु कमजोरियों का सामना करते हैं: तीव्र शहरीकरण से बाढ़, हिंदू कुश हिमालय क्षेत्र में हिमनद पीछे हटना जो ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड्स का खतरा बढ़ाता है, और तटीय महानगरों में तूफान की बढ़ती संभावना। सीमा विवाद के बावजूद, वैज्ञानिक सहयोग, जल संबंधी डेटा साझाकरण, शहरी लचीलापन और जलवायु वित्त के माध्यम से सहयोग संभव है। ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों का उपयोग भू-राजनीतिक तनाव को कम कर सकता है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
भारत-चीन सीमांत तनावों के बीच जलवायु कूटनीति साझा हितों के आधार पर पारस्परिक विश्वास बहाली का एक माध्यम कैसे हो सकती है।
📚 संबंधित स्थायी GK
भारत और चीन दोनों BASIC समूह (ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, भारत, चीन) के संस्थापक सदस्य हैं, जो वैश्विक जलवायु वार्ता में जलवायु न्याय की वकालत करते हैं।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert