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30 जनवरी 2026 · 30 January 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

धारा 17A पर विभाजित निर्णय

Split verdict on Section 17A

धारा 17A — लोक सेवक के विरुद्ध भ्रष्टाचार जांच से पूर्व सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति आवश्यक।

मुख्य तथ्य

  • धारा 17A पर SC का खंडित निर्णय।
  • भ्रष्टाचार जाँच हेतु पूर्व अनुमति आवश्यक (2018 संशोधन)।
  • उद्देश्य — ईमानदार अधिकारियों का संरक्षण।
  • खंडित निर्णय — असहमति; बड़ी पीठ को।
  • बहस — भ्रष्टाचार अंकुश बनाम अधिकारी संरक्षण।
धारा 17A पर सर्वोच्च न्यायालय के खंडित निर्णय (split verdict) की चर्चा हुई। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A (2018 संशोधन द्वारा जोड़ी गई) के अनुसार, किसी लोक सेवक के विरुद्ध उसके सरकारी कर्तव्यों से संबंधित निर्णयों पर भ्रष्टाचार जाँच/अन्वेषण शुरू करने से पहले सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति आवश्यक है। इसका उद्देश्य ईमानदार अधिकारियों को परेशानी/प्रतिशोधी जाँच से बचाना है। 'खंडित निर्णय' तब होता है जब पीठ के न्यायाधीश असहमत हों — तब मामला बड़ी पीठ को भेजा जाता है। बहस — भ्रष्टाचार पर अंकुश बनाम अधिकारियों का संरक्षण। यह विधि, शासन व जवाबदेही से जुड़ा है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, धारा 17A व विभाजित निर्णय राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

धारा 17A — भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (2018 संशोधन); पूर्व अनुमति। खंडित निर्णय — न्यायाधीशों में असहमति; बड़ी पीठ। CBI; लोकपाल।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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