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राष्ट्रीय · विज्ञान

इस्पात उत्पादन में सिनगैस

7 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

सिनगैस — कोयला गैसीकरण से अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन; मुख्यतः CO व H2; इस्पात भट्टियों में।

क्या हुआ

इस्पात उत्पादन में सिनगैस (syngas) के उपयोग की चर्चा हुई। सिनगैस (synthesis gas) मुख्यतः हाइड्रोजन (H2) व कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) का मिश्रण है, जो कोयला/प्राकृतिक गैस/बायोमास के गैसीकरण से बनती है। पारंपरिक इस्पात-निर्माण में लोहे को गलाने हेतु कोकिंग कोल का उपयोग होता है, जो भारी कार्बन उत्सर्जन करता है। सिनगैस (विशेषकर इसका हाइड्रोजन घटक) अपचायक (reducing agent) के रूप में कोयले का स्थान ले सकती है, जिससे CO2 उत्सर्जन घटता है ('हरित इस्पात'/green steel की ओर कदम)। यह भारत के डीकार्बोनाइज़ेशन, नेट ज़ीरो (2070), कोयला-गैसीकरण मिशन व औद्योगिक आत्मनिर्भरता से जुड़ा है। यह विज्ञान, उद्योग व पर्यावरण से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1इस्पात उत्पादन में सिनगैस का उपयोग।
  2. 2सिनगैस — हाइड्रोजन + कार्बन मोनोऑक्साइड।
  3. 3गैसीकरण (कोयला/गैस/बायोमास) से उत्पन्न।
  4. 4कोयले का स्थान लेकर CO2 उत्सर्जन घटाती है।
  5. 5हरित इस्पात; नेट ज़ीरो 2070; कोयला-गैसीकरण।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

सिनगैस, कोयला गैसीकरण व ऊर्जा सुरक्षा विज्ञान/अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: सिनगैस — H2 + CO; गैसीकरण से। इस्पात में कोयले का स्थान (अपचायक) ले सकती है। हरित इस्पात; डीकार्बोनाइज़ेशन; नेट ज़ीरो 2070।

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