30 अप्रैल 2026 · 30 April 2026विज्ञान
भारत में भूमिगत कोयला गैसीकरण (UCG)
India introduces underground coal gasification (UCG)
UCG — कोयले को सीम के भीतर ही सिनगैस में बदलने की इन-सिटु तकनीक (बिना भौतिक खनन)।
मुख्य तथ्य
- •भारत में भूमिगत कोयला गैसीकरण (UCG)।
- •कोयले को ज़मीन के नीचे ही गैस में बदलना (in-situ)।
- •गहरे/असुलभ कोयले का उपयोग संभव।
- •रसायन, उर्वरक, हाइड्रोजन; ऊर्जा सुरक्षा।
- •चुनौती — भूजल प्रदूषण, उत्सर्जन।
भारत द्वारा भूमिगत कोयला गैसीकरण (Underground Coal Gasification/UCG) की शुरुआत की चर्चा हुई। UCG एक उन्नत प्रौद्योगिकी है जिसमें कोयले को खदान से निकाले बिना ही, ज़मीन के नीचे (in-situ) सीधे गैस ('सिनगैस') में परिवर्तित किया जाता है — कोयला-परत में ऑक्सीजन/भाप प्रवाहित कर नियंत्रित दहन/अभिक्रिया कराई जाती है। इससे उस गहरे/असुलभ कोयले का भी उपयोग संभव होता है जिसे पारंपरिक खनन से निकालना कठिन/अलाभकारी हो। यह ऊर्जा सुरक्षा, संसाधन उपयोग व रसायन/उर्वरक/हाइड्रोजन उत्पादन से जुड़ा है, यद्यपि भूजल प्रदूषण व उत्सर्जन जैसी पर्यावरणीय चुनौतियाँ हैं। यह कोयला गैसीकरण (सतही) से भिन्न है। यह ऊर्जा, प्रौद्योगिकी व अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
UCG, सिनगैस व ऊर्जा सुरक्षा विज्ञान/अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
UCG — भूमिगत (in-situ) कोयला से सिनगैस। गहरे/असुलभ कोयले का उपयोग। ऊर्जा सुरक्षा; रसायन/हाइड्रोजन। भूजल प्रदूषण चुनौती।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert