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अंतर्राष्ट्रीय

अमेरिका ने 'जबरन श्रम' पर भारत व 59 अन्य की जांच की

17 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

धारा 301 (व्यापार अधिनियम 1974) — अमेरिका को अनुचित व्यापार प्रथाओं की जांच व जवाबी कार्रवाई का अधिकार।

क्या हुआ

अमेरिका द्वारा भारत व 59 अन्य देशों की 'जबरन श्रम' (forced labour) को लेकर जाँच की चर्चा हुई। 'जबरन श्रम' का अर्थ है किसी व्यक्ति से धमकी, दंड या मजबूरी के तहत काम कराना (अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन — ILO के अनुसार)। अमेरिका अपने व्यापार-कानून (जैसे टैरिफ अधिनियम की धारा 307) के तहत उन वस्तुओं के आयात पर रोक लगा सकता है जो जबरन/बाल श्रम से बनी हों। ऐसी जाँचें वैश्विक आपूर्ति-श्रृंखला में मानवाधिकार, श्रम-मानक व व्यापार-प्रतिबंध से जुड़ी हैं — इनका भारत के निर्यात (कपड़ा, झींगा, कृषि आदि) पर प्रभाव पड़ सकता है। यह नैतिक व्यापार, श्रम-अधिकार व अंतरराष्ट्रीय व्यापार-नीति से जुड़ा है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंध से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1अमेरिका भारत व 59 देशों की 'जबरन श्रम' जाँच।
  2. 2जबरन श्रम — धमकी/दंड/मजबूरी से काम (ILO)।
  3. 3अमेरिका टैरिफ अधिनियम धारा 307; आयात-रोक।
  4. 4भारत के निर्यात (कपड़ा, झींगा) पर असर।
  5. 5मानवाधिकार; श्रम-मानक; नैतिक व्यापार।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

धारा 301, USTR व जबरन श्रम अंतरराष्ट्रीय/अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: जबरन श्रम — धमकी/मजबूरी से काम (ILO)। अमेरिका — टैरिफ अधिनियम धारा 307; ऐसे आयात पर रोक। भारत निर्यात (कपड़ा/झींगा) प्रभावित। श्रम-अधिकार।

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