17 अप्रैल 2026 · 17 April 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
श्रमिक अशांति व श्रम सुधार
Workers unrest and labour reforms
चार श्रम संहिताएं — 29 केंद्रीय श्रम कानूनों का समेकन; वेतन संहिता (2019) सार्वभौमिक न्यूनतम वेतन देती है।
मुख्य तथ्य
- •श्रमिक असंतोष व श्रम सुधार।
- •29 कानून → चार श्रम संहिताएँ।
- •संहिताएँ — मज़दूरी, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा, OSH।
- •उद्देश्य — सरल अनुपालन, औपचारिकीकरण।
- •यूनियन चिंताएँ — हड़ताल नियम, छँटनी लचीलापन।
श्रमिक असंतोष व श्रम सुधारों (labour reforms) की चर्चा हुई। केंद्र सरकार ने 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समेकित किया — मज़दूरी संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता, व व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य व कार्यदशा (OSH) संहिता। सुधारों का उद्देश्य अनुपालन सरल बनाना, औपचारिकीकरण व व्यापार सुगमता बढ़ाना है। ट्रेड यूनियनों ने कुछ प्रावधानों (हड़ताल नियम, नियुक्ति-छँटनी लचीलापन, सामाजिक सुरक्षा कवरेज) पर चिंता जताई, जिससे श्रमिक असंतोष व हड़तालें हुईं। श्रम समवर्ती सूची का विषय है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
चार श्रम संहिताएं, न्यूनतम वेतन व हड़ताल का अधिकार अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
चार श्रम संहिताएँ — मज़दूरी, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा, OSH। 29 कानूनों का समेकन। श्रम — समवर्ती सूची। ILO (1919)।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert