मुख्य सामग्री पर जाएं
राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

वर्षांत समीक्षा 2025: न्याय विभाग

9 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

न्याय विभाग — विधि व न्याय मंत्रालय का हिस्सा; न्यायिक नियुक्तियां, अवसंरचना, ई-कोर्ट।

क्या हुआ

न्याय विभाग (Department of Justice) की वर्ष-अंत समीक्षा 2025 की चर्चा हुई। न्याय विभाग (विधि व न्याय मंत्रालय का अंग) न्यायपालिका के प्रशासनिक पहलुओं — उच्च न्यायालयों/सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति, न्यायिक अवसंरचना, ई-कोर्ट्स (न्यायपालिका का डिजिटलीकरण), न्याय तक पहुँच, मुफ्त कानूनी सहायता (NALSA) व लंबित-मामलों (pendency) के समाधान की देखरेख करता है। वर्ष-अंत समीक्षा वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों, न्यायिक सुधारों (ई-कोर्ट्स चरण-III, वर्चुअल कोर्ट, फास्ट-ट्रैक कोर्ट), न्यायाधीश-नियुक्तियों व 'न्याय तक पहुँच' पहलों का लेखा-जोखा देती है। यह न्यायपालिका, सुशासन व विधि-सुधार से जुड़ता है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1न्याय विभाग वर्ष-अंत समीक्षा 2025।
  2. 2विधि व न्याय मंत्रालय; न्यायपालिका के प्रशासनिक पहलू।
  3. 3न्यायाधीश-नियुक्ति, न्यायिक अवसंरचना, ई-कोर्ट्स।
  4. 4NALSA (कानूनी सहायता); लंबित-मामले समाधान।
  5. 5न्यायिक सुधार; न्याय तक पहुँच; सुशासन।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

न्याय विभाग, ई-कोर्ट व न्याय तक पहुंच राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: न्याय विभाग — विधि मंत्रालय; न्यायाधीश-नियुक्ति, न्यायिक अवसंरचना, ई-कोर्ट्स, NALSA, लंबित-मामले। वर्ष-अंत समीक्षा — न्यायिक सुधार, न्याय तक पहुँच।

इसी विषय पर और