पर्यटन स्थल एवं वन्यजीव
- 1
रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान (सवाई माधोपुर): बाघ परियोजना का हिस्सा; भारत में बाघों की सर्वाधिक संख्या वाले उद्यानों में से एक।
- 2
सरिस्का अभयारण्य (अलवर): बाघ परियोजना; 2005 में बाघ विलुप्त हुए, बाद में पुनः लाए गए।
- 3
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर): "घना पक्षी अभयारण्य"; 1985 UNESCO विश्व धरोहर; प्रवासी पक्षियों का शीतकालीन पड़ाव (पहले साइबेरियाई सारस भी आते थे)।
- 4
माउंट आबू: राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन; दिलवाड़ा जैन मंदिर; नक्की झील।
- 5
जयपुर — पिंक सिटी: जंतर-मंतर (UNESCO), हवा महल, आमेर किला, सिटी पैलेस प्रमुख।
- 6
जोधपुर — ब्लू सिटी: मेहरानगढ़ किला, उम्मेद भवन पैलेस, क्लॉक टॉवर।
- 7
उदयपुर — झीलों की नगरी: पिछोला झील, सिटी पैलेस, जगमंदिर, सहेलियों की बाड़ी।
- 8
जैसलमेर — गोल्डन सिटी: सोनार किला, पटवों की हवेली, नथमल की हवेली, सम टिब्बे।
- 9
पुष्कर: कार्तिक मेला (विश्व का सबसे बड़ा ऊंट मेला); ब्रह्मा मंदिर; 52 घाट।
- 10
बाड़मेर क्षेत्र: किराडू के मंदिर ("राजस्थान का खजुराहो"); मल्लीनाथ पशु मेला (तिलवाड़ा, बालोतरा); पारंपरिक अजरक प्रिंट।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान किसलिए प्रसिद्ध है?+
भरतपुर का केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान "घना पक्षी अभयारण्य" के नाम से प्रसिद्ध है और प्रवासी पक्षियों का शीतकालीन पड़ाव है; यह 1985 में UNESCO विश्व धरोहर बना।
राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन कौन सा है?+
माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है, जहाँ दिलवाड़ा जैन मंदिर और नक्की झील स्थित हैं।
पुष्कर में कार्तिक मेला किसलिए प्रसिद्ध है?+
पुष्कर का कार्तिक मेला विश्व का सबसे बड़ा ऊंट मेला है।