राजस्थान के राज्य प्रतीक व प्रमुख पशु-पक्षी
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राज्य पशु: चिंकारा (वन्यजीव श्रेणी, 1981) और ऊंट (पशुधन श्रेणी, 2014) — ऊंट "रेगिस्तान का जहाज़"।
- 2
राज्य पक्षी: सोन चिड़िया / ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (Ardeotis nigriceps) — गंभीर रूप से संकटग्रस्त; जैसलमेर में संरक्षण।
- 3
राज्य वृक्ष: खेजड़ी (Prosopis cineraria) — मरुस्थल का कल्पवृक्ष; तेल, हरे पत्ते पशुओं के लिए।
- 4
राज्य पुष्प: रोहिड़ा (Tecomella undulata) — "मरुस्थल का सागवान"; पीले-नारंगी फूल।
- 5
काला हिरण (Blackbuck): तालछापर, चुरू में; विश्नोई समाज इनकी रक्षा करते हैं।
- 6
घड़ियाल: चंबल नदी में; राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल वन्यजीव अभयारण्य।
- 7
बाघ: रणथंभौर (1973 में प्रोजेक्ट टाइगर में शामिल), सरिस्का व मुकुंदरा हिल्स में।
- 8
चिंकारा: राज्य पशु (वन्यजीव); पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थली क्षेत्रों में; विश्नोई समाज इसकी रक्षा करता है।
- 9
मोर: भारत का राष्ट्रीय पक्षी; राजस्थान में लगभग सर्वत्र पाया जाता है।
- 10
मगरमच्छ: चंबल व अन्य नदियों-जलाशयों में। तेंदुआ: जवाई बांध क्षेत्र (पाली) तेंदुओं के लिए प्रसिद्ध।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान का राज्य पशु और राज्य पक्षी कौन हैं?+
राजस्थान के दो राज्य पशु हैं — चिंकारा (वन्यजीव श्रेणी, 1981) और ऊंट (पशुधन श्रेणी, 2014)। राज्य पक्षी गोडावण/सोन चिड़िया (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) है, जो गंभीर रूप से संकटग्रस्त है।
काले हिरण की रक्षा कौन करता है?+
तालछापर और चुरू क्षेत्र में काले हिरण (Blackbuck) की रक्षा विश्नोई समाज करता है।
राजस्थान का राज्य वृक्ष कौन सा है?+
खेजड़ी (Prosopis cineraria) राजस्थान का राज्य वृक्ष है, जिसे मरुस्थल का कल्पवृक्ष कहा जाता है।