राजस्थान की राजव्यवस्था व राजस्व प्रशासन
- 1
राजस्थान विधानसभा: 200 सीटें; राज्यसभा — 10 सीटें; लोकसभा — 25 सीटें।
- 2
जिला प्रशासन: अगस्त 2023 में 19 नए जिले बने (कुल 50), पर 28 दिसंबर 2024 को 9 जिले समाप्त कर दिए गए — अब 41 जिले और 7 संभाग; जिले का प्रमुख अधिकारी जिला कलेक्टर।
- 3
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC): मुख्यालय अजमेर; RAS, RPS आदि अधिकारियों की भर्ती।
- 4
राजस्थान उच्च न्यायालय: जोधपुर में मुख्यपीठ; जयपुर में खंडपीठ।
- 5
पंचायती राज: त्रिस्तरीय व्यवस्था — ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद; पंचायती राज की शुरुआत 2 अक्टूबर 1959 को नागौर से हुई।
- 6
मुख्य सचिव: राज्य प्रशासन का सर्वोच्च IAS अधिकारी।
- 7
DGP: पुलिस महानिदेशक; राजस्थान पुलिस का प्रमुख।
- 8
राजस्व प्रशासन: पटवारी (हल्का) → भू-अभिलेख निरीक्षक (गिरदावर) → तहसीलदार (तहसील प्रमुख) → उपखंड अधिकारी/SDM (उपखंड प्रमुख) → जिला कलेक्टर।
- 9
राजस्व मंडल (Board of Revenue): अजमेर में; राजस्व मामलों की सर्वोच्च अपीलीय संस्था।
- 10
e-Mitra: सरकारी व डिजिटल सेवाओं का एकल खिड़की केंद्र।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान विधानसभा में कितनी सीटें हैं?+
राजस्थान विधानसभा में 200 सीटें हैं, जबकि राज्यसभा में 10 और लोकसभा में 25 सीटें हैं।
पटवारी किस अधिकारी के अधीन काम करता है?+
पटवारी सीधे भू-अभिलेख निरीक्षक (गिरदावर) के अधीन और उसके ऊपर तहसीलदार के अधीन काम करता है। क्रम: पटवारी → गिरदावर → तहसीलदार → SDM → जिला कलेक्टर।
राजस्थान में अभी कितने जिले हैं?+
राजस्थान में अभी 41 जिले और 7 संभाग हैं। अगस्त 2023 में 19 नए जिले बनने से संख्या 50 हुई थी, पर 28 दिसंबर 2024 को 9 जिले और 3 नए संभाग समाप्त कर दिए गए।