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राजस्थान GK · Patwari

राजस्थान की हवेलियाँ

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  • 1

    पटवों की हवेली (जैसलमेर): 5 हवेलियों का समूह; सेठ गुमान चंद पटवा ने अपने पांच पुत्रों के लिए बनवाईं (निर्माण लगभग 1805 से, करीब 50 वर्ष चला); बारीक जालीदार नक्काशी।

  • 2

    नथमल की हवेली (जैसलमेर): 1885 में दीवान मोहता नथमल के लिए बनी; हाथी की मूर्तियाँ और हिंदू-इस्लामी (इंडो-इस्लामिक) स्थापत्य।

  • 3

    सालम सिंह की हवेली (जैसलमेर): 18वीं सदी; मोर के आकार की छत (मोर-महल)।

  • 4

    बागोर की हवेली (उदयपुर): 18वीं सदी में मेवाड़ के प्रधानमंत्री अमरचंद बड़वा ने बनवाई; पिछोला झील के गणगौर घाट पर।

  • 5

    सेठों की हवेलियाँ (शेखावाटी): झुंझुनूं, सीकर, चूरू में; 18वीं–19वीं सदी के व्यापारियों ने बनवाईं; भित्ति-चित्रों के लिए प्रसिद्ध।

  • 6

    सुनहरी कोठी (टोंक): नवाबी काल की; 19वीं सदी; सोने की नक्काशी के लिए प्रसिद्ध।

  • 7

    शेखावाटी भित्ति-चित्र: मंडावा, नवलगढ़, फतेहपुर, रामगढ़ जैसे कस्बों की हवेलियों में — इसलिए शेखावाटी को "खुली कला दीर्घा" (ओपन एयर आर्ट गैलरी) कहते हैं।

  • 8

    रामपुरिया हवेलियाँ (बीकानेर): लाल बलुआ पत्थर पर बारीक नक्काशी के लिए प्रसिद्ध।

  • 9

    हवेलियों की खासियत: जालीदार झरोखे, बड़े आंगन, दर्पण-काम, मिट्टी की टाइल्स।

  • 10

    हवेलियाँ अब पर्यटन और होटल में बदल रही हैं; राज्य सरकार "हेरिटेज होटल" के रूप में बढ़ावा देती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटवों की हवेली किसने बनाई?+

जैसलमेर की पटवों की हवेली सेठ गुमान चंद पटवा ने अपने पांच पुत्रों के लिए बनवाई (निर्माण लगभग 1805 से); इसमें 5 अलग-अलग हवेलियाँ हैं।

शेखावाटी की हवेलियाँ किसलिए प्रसिद्ध हैं?+

शेखावाटी (झुंझुनूं, सीकर, चूरू) की हवेलियाँ अपने भित्ति-चित्रों के लिए प्रसिद्ध हैं, जो 18वीं-19वीं सदी के व्यापारियों ने बनवाईं।

सालम सिंह की हवेली की क्या विशेषता है?+

जैसलमेर की सालम सिंह की हवेली (18वीं सदी) की छत मोर के आकार की है, जिसे "मोर-महल" भी कहा जाता है।

आधिकारिक स्रोत

  1. राजस्थान पर्यटन विभाग – हवेलियाँ

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