राजस्थान का स्वतंत्रता संघर्ष व एकीकरण
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राजपूताना की रियासतें: जोधपुर, जयपुर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा, जैसलमेर, अलवर, भरतपुर, करौली प्रमुख थीं।
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मेवाड़ में सिसोदिया वंश — राणा सांगा (1509–1527) ने खानवा युद्ध (1527) में बाबर से लड़ाई की।
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मारवाड़ के राव चंद्रसेन (1562–81) को "मारवाड़ का भूला-बिसरा नायक" कहा जाता है।
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1857 के स्वतंत्रता संग्राम में राजस्थान में विद्रोह नसीराबाद छावनी (28 मई 1857) से शुरू हुआ; कोटा में सेना व जनता ने विद्रोह किया और आउवा के ठाकुर कुशाल सिंह ने अंग्रेज़ों व जोधपुर की सेना का मुकाबला किया। अधिकांश रियासतों के शासक अंग्रेज़ों के साथ रहे।
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राजस्थान एकीकरण: 18 मार्च 1948 से 1 नवंबर 1956 तक 7 चरणों में पूर्ण। प्रथम चरण — मत्स्य संघ (18 मार्च 1948)।
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वीर दुर्गादास राठौर — औरंगज़ेब से जोधपुर की रक्षा के लिए प्रसिद्ध।
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किसान आंदोलन: बिजोलिया (1897–1941; आरंभ में साधु सीताराम दास, 1916 से विजय सिंह पथिक के नेतृत्व में), बेगूं (1921), भोमट (1921–22) प्रमुख।
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प्रजामंडल आंदोलन: जयपुर (1931), मेवाड़ (1938), मारवाड़ (1934) में प्रजामंडल स्थापित हुए।
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विलयपत्र — अगस्त 1947 में (स्वतंत्रता से पहले) बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर सहित राजपूताना की रियासतों ने भारत के विलयपत्र (Instrument of Accession) पर हस्ताक्षर किए।
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राजस्थान दिवस 30 मार्च को मनाया जाता है — 30 मार्च 1949 को जयपुर, जोधपुर, बीकानेर व जैसलमेर के जुड़ने से वृहत् राजस्थान बना। 1 नवंबर 1956 को एकीकरण का अंतिम (7वां) चरण पूरा हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान का एकीकरण कब और कितने चरणों में पूरा हुआ?+
राजस्थान एकीकरण 18 मार्च 1948 से 1 नवंबर 1956 तक 7 चरणों में पूर्ण हुआ, जिसका प्रथम चरण मत्स्य संघ (18 मार्च 1948) था।
1857 में राजस्थान में विद्रोह कहां से शुरू हुआ?+
राजस्थान में 1857 का विद्रोह 28 मई 1857 को नसीराबाद छावनी से शुरू हुआ। कोटा में सेना व जनता ने विद्रोह किया और आउवा के ठाकुर कुशाल सिंह ने अंग्रेज़ों का मुकाबला किया, जबकि अधिकांश रियासतों के शासक अंग्रेज़ों के साथ रहे।
बिजोलिया किसान आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?+
बिजोलिया किसान आंदोलन (1897–1941) की शुरुआत साधु सीताराम दास के नेतृत्व में हुई; 1916 से विजय सिंह पथिक ने इसका नेतृत्व किया।