RAS Prelims vs Mains — क्या अंतर है?
RPSC की RAS परीक्षा दो लिखित चरणों + Interview में होती है। Prelims पास करना mandatory है — Mains केवल qualifying candidates देते हैं।
| Prelims | Mains | |
|---|---|---|
| पेपर | 1 | 4 + Interview |
| प्रश्न प्रकार | MCQ (objective) | Descriptive (लिखित) |
| कुल अंक | 200 | 800 + 100 (Interview) |
| समय | 3 घंटे | 3 घंटे प्रत्येक पेपर |
| नेगेटिव मार्किंग | हाँ (प्रत्येक गलत पर 1/3) | नहीं |
| भाषा | हिंदी + English | हिंदी + English |
| उद्देश्य | Screening (qualifying) | Final selection (merit) |
| पेपर का स्तर | सामान्य अध्ययन | विस्तृत — विश्लेषणात्मक |
| विषयों की संख्या | 9 | ~12 (3 GS papers + Hindi/English) |
6 महीने का plan — कैसे clear करें
पढ़ें →4 पेपर का सम्पूर्ण syllabus
देखें →❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या Prelims clear करना ज़रूरी है Mains के लिए?+
हाँ। Prelims केवल screening exam है — सिर्फ qualifying candidates ही Mains दे सकते हैं। Prelims के अंक final merit में नहीं जुड़ते।
Prelims और Mains में कौन ज़्यादा कठिन है?+
Mains कठिन है क्योंकि descriptive है — आपको विस्तृत उत्तर लिखने होते हैं। Prelims MCQ-आधारित है, इसलिए elimination तकनीक काम करती है।
क्या नेगेटिव मार्किंग Mains में भी है?+
नहीं। नेगेटिव मार्किंग केवल Prelims में है (1/3 अंक प्रत्येक गलत उत्तर पर)। Mains में लिखित descriptive paper हैं, इसलिए कोई कटौती नहीं।
Mains के बाद Interview कब होता है?+
Mains के परिणाम के बाद RPSC qualifying candidates को Interview (Personality Test) के लिए बुलाता है। Interview 100 अंक का होता है।
क्या Prelims और Mains का syllabus एक जैसा है?+
काफी हद तक हाँ। Mains का syllabus Prelims का विस्तार है, लेकिन प्रश्न analytical और opinion-based होते हैं। Hindi/English अलग पेपर है।
तैयारी अभी शुरू करें
पहले Prelims qualify करें — फिर Mains के लिए focus करें।