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📚 राजस्थान इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परंपरा एवं विरासत

आमेर/जयपुर राजवंश — कच्छवाहा वंश

Amer/Jaipur Dynasty — Kachhwaha Clan

10 मिनटintermediate✓ अपडेटेड: मई 2026· History, Art, Culture, Literature, Tradition & Heritage of Rajasthan

परिचय

कच्छवाहा वंश राजस्थान के सबसे प्रभावशाली राजपूत वंशों में से एक है। उत्पत्ति सूर्यवंश से। इस वंश ने आमेर को राजधानी बनाया और बाद में जयपुर नगर की स्थापना की।

वंश की स्थापना

कच्छवाहा वंश की स्थापना 967 ई. में दुल्हेराय (धोला राय) ने की। बड़गूजरों को पराजित कर दौसा और रामगढ़ पर अधिकार। परंपरागत मान्यता — अयोध्या के राजा रामचंद्र के पुत्र कुश के वंशज।

प्रमुख शासक

भारमल (1547–1574): अकबर के साथ वैवाहिक संबंध स्थापित करने वाले प्रथम राजपूत। इनकी पुत्री जोधाबाई का विवाह अकबर से 1562 ई. में।

मानसिंह प्रथम (1589–1614): अकबर के प्रमुख सेनापति। अकबर के नवरत्नों में। आमेर का भव्य किला।

सवाई जयसिंह द्वितीय (1699–1743): 1727 ई. में जयपुर नगर की स्थापना। जंतर-मंतर वेधशालाएं।

जयपुर नगर की स्थापना

18 नवंबर 1727 ई. वास्तुकार: बंगाल के विद्याधर भट्टाचार्य। भारत का पहला नियोजित नगर। 9 खंडों में विभाजित। "गुलाबी नगर" (Pink City)।

जंतर-मंतर

जयपुर, दिल्ली, मथुरा, उज्जैन और वाराणसी में निर्माण। जयपुर का जंतर-मंतर सबसे बड़ा — यूनेस्को विश्व धरोहर। "जिज-मुहम्मद शाही" खगोलीय तालिकाएं।

RAS Prelims में महत्व

सवाई जयसिंह द्वितीय और जयपुर की स्थापना — सर्वाधिक पूछा जाने वाला प्रश्न। जंतर-मंतर वर्ष और स्थान। भारमल-अकबर संधि 1562। विद्याधर भट्टाचार्य बंगाल के थे।

त्वरित रिवीजन — One-Liners

  • राजस्थान का एकीकरण 7 चरणों में हुआ और 30 मार्च 1949 को 'वृहत् राजस्थान' बना।
  • महाराणा प्रताप ने 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध अकबर के सेनापति मानसिंह से लड़ा।
  • फड़ चित्रकला श्रीलालजी चितेरे जाति द्वारा बनाई जाती है; पाबूजी और देवनारायणजी की फड़ प्रसिद्ध है।
  • घूमर राजस्थान का राज्य नृत्य है और भीलों का प्रमुख नृत्य गैर है।
  • चित्तौड़गढ़ का किला राजस्थान का सबसे बड़ा किला है; इसे 'राजस्थान का गौरव' कहते हैं।
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1

अजमेर में अढ़ाई दिन का झोपड़ा मूल रूप से था:

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