परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता
अर्थव्यवस्था एवं बजट राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। यह विषय राष्ट्रीय और स्थानीय आर्थिक नीतियों, बजट निर्माण प्रक्रिया, और वर्तमान आर्थिक चुनौतियों को समझने के लिए आवश्यक है। RAS प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य ज्ञान प्रश्नपत्र में भारतीय अर्थव्यवस्था, राजस्थान की अर्थव्यवस्था और समसामयिकी के प्रश्न आते हैं, और मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्रों में भी इस विषय से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
इस विषय का अध्ययन करते समय आपको भारतीय अर्थव्यवस्था की मूलभूत अवधारणाओं, सरकारी बजट की रचना, राजस्व संचय के स्रोत, और राजस्थान की विशेष आर्थिक नीतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यह विषय समसामयिक मामलों के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है, इसलिए नवीनतम जानकारी से अपडेट रहना आवश्यक है।
मुख्य अवधारणाएं
राष्ट्रीय आय और GDP (सकल घरेलू उत्पाद)
राष्ट्रीय आय किसी देश के एक वर्ष में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं का कुल मौद्रिक मूल्य होती है। राष्ट्रीय आय को तीन विधियों से मापा जाता है: उत्पादन विधि, आय विधि और व्यय विधि। इसकी प्रमुख अवधारणाएं हैं सकल घरेलू उत्पाद (GDP), सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) और शुद्ध राष्ट्रीय आय (NNI)। भारत में GDP की गणना एक आधार वर्ष के आधार पर की जाती है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO, MoSPI) ने 27 फरवरी 2026 को GDP की नई श्रृंखला जारी की, जिसका आधार वर्ष 2022-23 है; इससे पहले आधार वर्ष 2011-12 था। GDP की वृद्धि दर अर्थव्यवस्था के विकास का मुख्य सूचक है।
केंद्रीय बजट और राजस्व
केंद्रीय बजट भारत सरकार की वार्षिक आय-व्यय का विवरण है, जिसे 2017 से प्रत्येक वर्ष 1 फरवरी को प्रस्तुत किया जाता है। केंद्रीय बजट 2026-27 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में प्रस्तुत किया। बजट में राजस्व प्राप्तियों और व्यय को विस्तृत किया जाता है। राजस्व के मुख्य स्रोत हैं: कर राजस्व, गैर-कर राजस्व, और ऋण। बजट में पूंजीगत व्यय, राजस्व व्यय, और ब्याज के भुगतान को दर्शाया जाता है।
कर प्रणाली और GST
भारत में दो प्रकार के कर होते हैं: प्रत्यक्ष कर और अप्रत्यक्ष कर। प्रत्यक्ष करों में आयकर, कॉर्पोरेट कर, प्रतिभूति लेन-देन कर (STT) आदि शामिल हैं (संपत्ति कर 2015-16 में समाप्त कर दिया गया), जबकि अप्रत्यक्ष करों में उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क, और वस्तु एवं सेवा कर (GST) शामिल हैं। वस्तु एवं सेवा कर (GST) को 1 जुलाई 2017 से लागू किया गया था, जो देश के कर ढांचे में एक क्रांतिकारी परिवर्तन था। GST ने कई पुरानी कर प्रणालियों को समाप्त कर एक एकीकृत कर प्रणाली स्थापित की। 22 सितंबर 2025 से लागू "GST 2.0" सुधार में 12% और 28% के स्लैब समाप्त कर दिए गए; अब मुख्य दरें 5% और 18% हैं, तथा तंबाकू जैसी हानिकारक और विलासिता की वस्तुओं पर 40% की विशेष दर है।
| GST दर | किन पर लागू (GST 2.0, 22 सितंबर 2025 से) |
|---|---|
| 5% | आवश्यक/रियायती श्रेणी की वस्तुएं और सेवाएं |
| 18% | अधिकांश वस्तुएं और सेवाएं (मानक दर) |
| 40% | हानिकारक और विलासिता की वस्तुएं (जैसे तंबाकू) |
| 12% और 28% | समाप्त |
मुद्रास्फीति और मौद्रिक नीति
मुद्रास्फीति वह दर है जिस पर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें बढ़ती हैं। यह अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सूचक है। भारत में मुद्रास्फीति को मापने के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) का उपयोग किया जाता है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) मौद्रिक नीति के माध्यम से मुद्रास्फीति को नियंत्रित करता है। RBI के मूल उद्देश्यों में मूल्य स्थिरता, वित्तीय प्रणाली की स्थिरता, और आर्थिक विकास शामिल हैं।
विदेशी व्यापार और विनिमय दर
भारत का विदेशी व्यापार देश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है। निर्यात और आयात के माध्यम से विदेशी मुद्रा अर्जित की जाती है। विनिमय दर एक मुद्रा का दूसरी मुद्रा में मूल्य है। भारतीय रुपये की विनिमय दर बाजार की शक्तियों द्वारा निर्धारित होती है। व्यापार संतुलन (निर्यात - आयात) और चालू खाता संतुलन अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण संकेतक हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर: भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। नई श्रृंखला (आधार वर्ष 2022-23) के अनुसार 2024-25 में वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही, और 2025-26 के लिए सांख्यिकी मंत्रालय के अनंतिम अनुमान में यह लगभग 7.7 प्रतिशत है।
बजट 2026-27 (केंद्र): राजकोषीय घाटा GDP का 4.3% (2025-26 के संशोधित अनुमान में 4.4%) तथा पूंजीगत व्यय ₹12.2 लाख करोड़ रखा गया है।
बजट आवंटन: रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, और अवसंरचना विकास पर सर्वाधिक बजट आवंटन किया जाता है।
GST दरें: 22 सितंबर 2025 से मुख्य दरें 5% और 18% हैं; हानिकारक/विलासिता की वस्तुओं पर 40% लगता है। पहले की 12% और 28% की दरें समाप्त हो चुकी हैं।
RBI की नीति दर: RBI की नीति दर मौद्रिक नीति का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है, जो अल्पकालिक ब्याज दरों को प्रभावित करती है।
विदेशी मुद्रा भंडार: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में अमेरिकी डॉलर, सोना, और अन्य सुरक्षित परिसंपत्तियां शामिल हैं।
| संकेतक | केंद्रीय बजट 2026-27 |
|---|---|
| राजकोषीय घाटा (GDP का %) | 4.3% (2025-26 संशोधित अनुमान: 4.4%) |
| पूंजीगत व्यय | ₹12.2 लाख करोड़ (2025-26 संशोधित अनुमान: ₹10.97 लाख करोड़) |
| प्रस्तुति | 1 फरवरी 2026, लोकसभा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण |
राजस्थान विशेष
राजस्थान की अर्थव्यवस्था कृषि, खनिज निष्कर्षण, पर्यटन, और उद्योग पर आधारित है। राजस्थान देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में से एक है। राज्य में पर्यटन एक महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत है, विशेषकर जयपुर, जोधपुर, और उदयपुर जैसे शहरों में।
राजस्थान की कृषि मुख्यतः वर्षा पर निर्भर है। राज्य में गेहूं, मक्का, बाजरा, और दालें मुख्य फसलें हैं। राजस्थान सरकार ने ई-मार्केटिंग, कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने, और किसान कल्याण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।
राज्य का बजट केंद्रीय हस्तांतरण, राज्य के अपने कर राजस्व, और ऋणों से बनता है। राजस्थान सरकार ने ग्रामीण रोजगार (महात्मा गांधी नरेगा, जिसकी जगह 1 जुलाई 2026 से VB-G RAM G अधिनियम 2025 लागू हुआ है, जिसमें 125 दिन के रोजगार की गारंटी है), प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और अन्य केंद्रीय योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राजस्थान का बजट 2026-27 उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री दीया कुमारी ने 11 फरवरी 2026 को प्रस्तुत किया। इसमें व्यय ₹4,05,632 करोड़ (ऋण चुकौती को छोड़कर), राजकोषीय घाटा ₹79,493 करोड़ (GSDP का 3.7%) और राजस्व घाटा ₹24,314 करोड़ (GSDP का 1.1%) अनुमानित है।
परीक्षा पैटर्न
प्रारंभिक परीक्षा: RAS प्रारंभिक परीक्षा में एक ही वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र "सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान" होता है (150 प्रश्न, 200 अंक, 3 घंटे; गलत उत्तर पर 1/3 अंक की कटौती)। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों में भारतीय अर्थव्यवस्था और राजस्थान की अर्थव्यवस्था से नियमित रूप से प्रश्न आए हैं। प्रश्न मुख्यतः राष्ट्रीय बजट, GDP, मुद्रास्फीति और आर्थिक नीतियों से संबंधित होते हैं।
मुख्य परीक्षा: मुख्य परीक्षा में विस्तृत उत्तर वाले सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र होते हैं, जिनमें वर्तमान आर्थिक मुद्दों पर विश्लेषणात्मक उत्तर अपेक्षित होते हैं।
साक्षात्कार (Interview): साक्षात्कार में अर्थव्यवस्था से संबंधित समसामयिक मामलों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। अभ्यर्थियों को हाल के बजट, आर्थिक सुधारों, और राजस्थान विशेष के बारे में पूछा जा सकता है।
स्मरण युक्तियां
नियमित अपडेट: अर्थव्यवस्था एक गतिशील विषय है। आर्थिक सर्वेक्षण, बजट दस्तावेज़, और आर्थिक समाचारों को नियमित रूप से पढ़ें।
तुलनात्मक अध्ययन: विभिन्न वर्षों के बजट की तुलना करें और आर्थिक प्रवृत्तियों को समझें। इससे आप लंबी अवधि की आर्थिक नीतियों को समझ सकेंगे।
डेटा का विश्लेषण: आर्थिक डेटा, सांख्यिकी, और आंकड़ों को समझने का प्रयास करें। इससे आप वस्तुनिष्ठ और व्यावहारिक प्रश्नों का उत्तर दे सकेंगे।
नोट्स बनाएं: महत्वपूर्ण तथ्यों, तारीखों, और आंकड़ों को नोट्स के रूप में संक्षिप्त करें। इससे परीक्षा के समय तेजी से संशोधन कर सकेंगे।
समसामयिक संदर्भ: आर्थिक विषयों को वर्तमान घटनाओं से जोड़ें। उदाहरण के लिए, GST, डिजिटल पेमेंट, क्रिप्टोकरेंसी जैसे विषयों को समझें।
माइंड मैप बनाएं: अवधारणाओं के बीच संबंधों को दर्शाने के लिए माइंड मैप बनाएं। इससे आप अवधारणाओं को बेहतर तरीके से याद रख सकेंगे।
परीक्षार्थी सलाह: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का समाधान करें। इससे आप परीक्षा के स्तर और प्रश्नों की प्रकृति को समझ सकेंगे। साथ ही, समय प्रबंधन का अभ्यास भी करें।
अर्थव्यवस्था एवं बजट की गहन समझ RPSC RAS परीक्षा में सफलता के लिए आवश्यक है। नियमित अध्ययन, समसामयिक जागरूकता, और व्यावहारिक विश्लेषण आपको इस विषय में कुशल बनाएगा। याद रखें कि यह विषय केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक सफल प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए भी आवश्यक है।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •राजस्थान बजट 2025-26 में 'राइजिंग राजस्थान' निवेश सम्मेलन की घोषणाओं को लागू करने पर जोर दिया गया।
- •भारत ने 2023 में G20 की अध्यक्षता की; नई दिल्ली शिखर सम्मेलन 9-10 सितंबर 2023 को हुआ।
- •5 जून — विश्व पर्यावरण दिवस; 1972 स्टॉकहोम सम्मेलन की वर्षगाँठ।
- •22 मार्च विश्व जल दिवस; UN द्वारा 1993 से।
- •22 अप्रैल विश्व पृथ्वी दिवस; 1970 से।