परिचय
राजस्थान अपनी विविध लोक कलाओं के लिए विश्व प्रसिद्ध है। लोक नृत्य, संगीत, नाट्य और फड़ चित्रकला प्रमुख।
प्रमुख लोक नृत्य
घूमर: राजकीय नृत्य, महिलाओं का गोल नृत्य। कालबेलिया: UNESCO अमूर्त विरासत 2010, गुलाबो। गैर: भील जनजाति, होली पर। तेरहताली: कामड़ जाति, रामदेवजी भक्ति। चरी नृत्य: किशनगढ़, जलते दीपक। कच्छी घोड़ी: शेखावाटी।
वाद्ययंत्र और संगीत
मांड गायकी (जैसलमेर-बाड़मेर): केसरिया बालम। लंगा-मांगणियार: मुस्लिम गायक, कमायचा, खड़ताल। रावणहत्था (पाबूजी की फड़ में)।
फड़ चित्रकला
पाबूजी और देवनारायणजी की फड़ प्रसिद्ध। शाहपुरा (भीलवाड़ा) — प्रमुख केंद्र। GI टैग प्राप्त।
RAS Prelims में महत्व
प्रमुख नृत्य, UNESCO विरासत, कालबेलिया, फड़ कला, प्रमुख वाद्ययंत्र परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •राजस्थान का एकीकरण 7 चरणों में हुआ और 30 मार्च 1949 को 'वृहत् राजस्थान' बना।
- •महाराणा प्रताप ने 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध अकबर के सेनापति मानसिंह से लड़ा।
- •फड़ चित्रकला श्रीलालजी चितेरे जाति द्वारा बनाई जाती है; पाबूजी और देवनारायणजी की फड़ प्रसिद्ध है।
- •घूमर राजस्थान का राज्य नृत्य है और भीलों का प्रमुख नृत्य गैर है।
- •चित्तौड़गढ़ का किला राजस्थान का सबसे बड़ा किला है; इसे 'राजस्थान का गौरव' कहते हैं।