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अंतर्राष्ट्रीय · पर्यावरण

पेरिस समझौते के 10 वर्ष

5 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

पेरिस समझौता (2015) — वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से नीचे (1.5°C लक्ष्य) सीमित करने का संधि।

क्या हुआ

पेरिस समझौते के 10 वर्ष चर्चा में रहे। 2015 में COP21 (पेरिस) में अपनाया गया यह एक कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय जलवायु संधि है, जिसका लक्ष्य वैश्विक औसत तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तर से '2°C से काफी नीचे' (आदर्शतः 1.5°C तक) सीमित रखना है। इसकी मुख्य व्यवस्था — राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC), जिन्हें हर 5 वर्ष में बढ़ाया जाता है ('रैचेट मैकेनिज़्म'), जलवायु वित्त, अनुकूलन व हानि-क्षति। एक दशक बाद, प्रगति के बावजूद उत्सर्जन अंतराल बना हुआ है। भारत 2070 तक नेट ज़ीरो, पंचामृत व CBDR की वकालत करता है। यह वैश्विक जलवायु शासन व सतत विकास से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1पेरिस समझौते के 10 वर्ष।
  2. 2COP21 (2015); कानूनी रूप से बाध्यकारी जलवायु संधि।
  3. 3लक्ष्य — '2°C से काफी नीचे' (आदर्शतः 1.5°C)।
  4. 4NDC; हर 5 वर्ष में वृद्धि (रैचेट मैकेनिज़्म)।
  5. 5भारत — नेट ज़ीरो 2070; पंचामृत; CBDR।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

पेरिस समझौता, UNFCCC व NDC पर्यावरण में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: पेरिस समझौता — COP21 (2015); '2°C से काफी नीचे' (1.5°C)। NDC; रैचेट मैकेनिज़्म। UNFCCC। भारत — नेट ज़ीरो 2070; पंचामृत।

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